कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ की प्रेस कॉन्फ्रेंस
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर। हरियाणा के कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि सीएम नायब सिंह सैनी ने तीसरी बार बनी सरकार के 2 साल पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड सबके सामने रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज किसानों की समस्या एक बड़ा मुद्दा है। मंडियों में किसानों की फसल की खराब हालत है। मंडियों में उठान नही हो रहा है, मिलर्स भी कम हो चुके है।

पेटवाड़ ने कहा कि सरकार 24 फसलो की MSP देने की बात कहती है, ऐसे में सरकार हरियाणा में 24 फसलो के नाम तो बताए। जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि सरकार ने खरीद 29 सितंबर से शुरू की, लेकिन मंडियों में आढ़ती औऱ मिलर्स ही तब खरीद नही कर रहे थे। मिलर्स को 67 किलो चावल एक क्विंटल के बदले देना होता है, लेकिन उतनी चावल नही निकलती, इसलिए आढ़ती और किसान दोनों ही इसका नुकसान उठाते है।
जस्सी पेटवाड़ ने कहा मिलर्स से 1 क्विंटल के बदले 58-59 किलो अगर चावल लिया जाएगा तो आढ़ती औऱ किसान दोनों को राहत मिलेगी। मंडियों में जो धान खरीद में लूटा जा रहा है वो नमी के नाम पर लूटा गया है। सरकार धान 17 फीसदी नमी का धान खरीदती है, लेकिन उसको 20 फीसदी नमी तक खरीदा जाना चाहिए।

जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि बीते विधानसभा सत्र में किसानों को मुआवजा देने की मांग की थी। उन्होंने तंज कसा कि सरकार में सीएम की भले ही नही चले। लेकिन पोर्टल की जरूर चलती है। पेटवाड़ ने कहा कि नारनौंद के खेड़ी चौपटा के एक किसान ने लगाया हुआ बाजरा है, जबकि पोर्टल नरमें की फसल दिखा रहा है।
जस्सी पेटवाड़ ने कहा नारनौंद के कापड़ों गांव के एक किसान को एक एकड़ में 97 मन धान की पैदावार हुई। जबकि सरकार 21.30 क्विंटल यानि 52 मन धान प्रदेश सरकार प्रति क्विंटल खरीद रही है। सरकार ने आदेश जारी किया है कि एसडीएम और तहसीलदार से वेरिफाई करवाएगा, तो एक एकड़ में ज्यादा पैदावार है उसकी खरीद होगी।

पेटवाड़ ने कहा कि सरकार औए सीएम बताएं कि किसानों पर इस तरह की शर्तें क्यों लगाई जा रही है। बीजेपी ने चुनाव में वायदा किया 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदेंगे, जबकि आज 2461 रुपये में भी नहीं खरीदा जा रहा है। सीएम ने चुनाव में कई जनसभा में 3100 रुपये एमएसपी धान का देने की बात कही थी। पेटवाड़ ने कहा कि सरकार नमी के नाम पर किसानों को लूट रही है। इस नमी के क्राइटेरिया को 17 से बढ़ाकर 20 फीसदी किया जाना चाहिए।

पेट्वद ने कहा कि हरियाणा में हजारों किसान वेरिफिकेशन के नाम पर धक्के खा रहा है। हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा जब सीएम थे, तब गेहूं का समर्थन मूल्य 250 रुपये केंद्र ने बढ़ाए और हरियाणा सरकार ने 100 रुपये उस पर बोनस दिया था। हुड्डा के राज में जीरी गई जहाज में नारा था, उस वक्त 4500 रुपये प्रति क्विंटल धान बिकी थी।पूरे देश मे ऐसी सरकार कभी नही आई, जिसको ये पता है कि किसान की आमदनी कितनी है, लेकिन उसका ख़र्च कितना है, ये जानकारी नही है।
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