शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कचरा उठाने घर-घर पहुंचेंगे GPS आधारित वाहन

आमजन की सुविधा के लिए शहरी क्षेत्रों में 1646 वार्ड कमेटियां गठित की : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने शहरी निकायों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, वार्ड समितियों के गठन, स्वच्व्छता पखवाड़ा कलैंडर सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

आमजन से की अपील, स्वच्छता व कचरा संग्रहण आदि के संबंध में वार्ड कमेटियों के व्हाटसएप नंबर पर करें शिकायत, होगा समयबद्ध समाधान

ट्रैकिंग रिपोर्ट के आधार पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा भुगतान

न्यूज़म ब्यूरो 

Advertisement

चंडीगढ़, 25 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आमजन की सुविधा व शिकायतों के समाधान के लिए प्रदेश के सभी शहरी निकायों में 1646 वार्ड समितियों का गठन किया गया है। कोई भी व्यक्ति स्वच्छता व कचरा संग्रहण के संबंध में इन वार्ड समितियों के व्हाटसएप नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकता है जिसका समयबद्ध समाधान किया जाएगा। इसी प्रकार घर-घर कचरा उठाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए 87 में से 83 शहरी स्थानीय निकायों में 4जी व 5जी नेटवर्क वाली जीपीएस प्रणाली के वाहन चलाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को शेष चार शहरी स्थानीय निकायों में भी इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश के शहरी निकायों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, रूट मैपिंग, मशीनरी की उपलब्धता, पोर्टल के माध्यम से भुगतान, वार्ड समितियों के गठन, स्वच्व्छता पखवाड़ा कलैंडर, बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान व पंजीकरण तथा एनजीओ मैपिंग एंड एमओयू सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। बैठक में पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों तथा सीएमजीजीए की अनुशंसाओं पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

घर-घर कचरा संग्रहण के लिए रूट मैपिंग के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घर-घर कचरा संग्रहण के लिए रूट मैपिंग की स्थिति की भी समीक्षा की। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जून में जहां प्रदेश के 87 में से केवल 28 शहरी स्थानीय निकायों में 100 रूट मैपिंग का कार्य पूरा हुआ था, वहीं 20 सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 66 हो गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड के रूट मैपिंग में संबंधित कचरा संग्रहण वाहन, उसका समय और चालक का संपर्क नंबर शामिल किया जाए। यह जानकारी संबंधित वार्ड कमेटी के व्हाट्सएप समूह में साझा की जाए, ताकि घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था की प्रभावी निगरानी हो सके।

कचरा प्रबंधन पोर्टल के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सेवा प्रदाता एजेंसियों को भुगतान केवल सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से किया जाए। भुगतान में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा आवश्यकतानुसार दंड का प्रावधान किया जाए।

वार्ड कमेटियों को स्वच्छता व्यवस्था में सक्रिय भूमिका देने पर जोर 

अधिकारियों ने बताया कि सितंबर तक 87 में से 86 शहरी स्थानीय निकायों में 1,646 वार्ड कमेटियां गठित की जा चुकी हैं जो पूरी तरह से सक्रिय हैं। वार्ड कमेटियों के सदस्यों को पहचान पत्र भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वार्ड कमेटियों को स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी, स्थानीय समस्याओं की पहचान और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका देने पर जोर दिया।

श्रेष्ठ वार्ड कमेटियों को जिला स्तर पर किया जाएगा सम्मानित 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्ड कमेटियों के बीच स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को जिला स्तर पर पुरस्कृत करने की व्यवस्था की जाए। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए हरियाणा स्वच्छ लीग के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मक और रैंकिंग आधारित स्वच्छता व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को जिला स्तर पर तिमाही आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।

सभी जिलों में विशेष प्रकोष्ठों के गठन पर जोर 

आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सभी 23 जिलों के उपायुक्तों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल पर यूजर आईडी बनाई जा चुकी है। प्रदेश के 23 जिलों में से 21 जिलों में जिला विशेष प्रकोष्ठों का गठन किया जा चुका है। चरखी दादरी और पलवल में इन प्रकोष्ठों के गठन की प्रक्रिया की जा रही है। मुख्यमंत्री ने शेष दोनों जिलों में भी गठन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा नियमों के प्रभावी अनुपालन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

स्वच्छता पखवाड़े में वार्ड कमेटियों की भागीदारी सुनिश्चित

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ कैलेंडर को हरियाणा में भी अपनाया जा रहा है। इसके तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। स्वच्छता अभियान में वार्ड कमेटियों की भागीदारी के लिए राज्य स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। इस दौरान श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

बल्क वेस्ट जनरेटरों के पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान करके केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर इनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। नियमों का पालन नहीं करने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों के विरुद्ध निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्वच्छता गतिविधियों में गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी 

आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सभी जिलों में स्वच्छता और सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में कार्य कर रहे गैर-सरकारी संगठनों की पहचान की जा रही है। इन संस्थाओं को संबंधित शहरी स्थानीय निकायों तथा वार्ड कमेटियों के साथ जोड़कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी को संस्थागत रूप देने के लिए राज्य स्तर पर एक प्रारूप समझौता ज्ञापन तैयार किया गया है।

मानव संसाधन और मशीनरी की उपलब्धता में सुधार:

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों में मानव संसाधन और मशीनरी की उपलब्धता में लगातार सुधार किया गया है। सितंबर तक प्रदेश के 87 शहरी स्थानीय निकायों में से 65 में मानव संसाधन की कमी दूर की जा चुकी है, जबकि 68 शहरी स्थानीय निकायों में मशीनरी की कमी दूर की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने शेष कमी को भी निर्धारित समय सीमा में दूर करने तथा इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता व्यवस्था में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और शहरों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह भी उपस्थित थे।

 

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh