एफसीआर डॉ सुमिता मिश्रा ने पंचकूला तहसील कार्यालय का किया दौरा, नई पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली के कामकाज की समीक्षा की

हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सुरक्षा युक्त कागज और स्वतः परिवर्तन की है सुविधा
 
पंचकूला , 17 दिसंबर : हरियाणा की राजस्व और आपदा प्रबंधन वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि प्रदेश की कागज रहित पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से लगभग 50,000 संपत्ति पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं, जो छह दशक पुरानी राजस्व प्रक्रियाओं में ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतीक बन रही है। पंचकूला तहसील कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान डॉ. मिश्रा ने कहा कि भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता और प्रामाणिकता को और मजबूत करने के लिए संपत्ति पंजीकरण हेतु जल्द ही सुरक्षा-युक्त कागज़ का प्रयोग शुरू किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त आगामी दिनों में एक स्वचालित उत्परिवर्तन सुविधा शुरू की जाएगी, जो पंजीकरण के तुरंत बाद राजस्व अभिलेखों को स्वचालित रूप से अद्यतन कर देगी, जिससे देरी में काफी कमी आएगी और मैन्युअल हस्तक्षेप की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इस अवसर पर उपायुक्त सतपाल शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव, जिला राजस्व अधिकारी डॉ. कुलदीप, तहसीलदार सुरेश कुमार और नायब तहसीलदार हरदेव भी उपस्थित थे। 
डॉ. मिश्रा ने नई प्रणाली व राजस्व कार्यालय के कामकाज से संतुष्ट होकर, वित्त आयुक्त ने नई प्रणाली को सुचारू रूप से लागू करने में अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। 
 

उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदकों के अनुरोध पर उन्हें मौके पर ही ई-हस्ताक्षरित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें बार-बार कार्यालय न आना पड़े।  
उन्होंने कहा कि नागरिकों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं की जांच की जाएगी और प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें शामिल किया जाएगा। जनभागीदारी को संस्थागत रूप देने के लिए। 
उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालयों में एक समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित की गई है ताकि जनता की प्रतिक्रियाओं को व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जा सके और शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके। उन्होंने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को हेल्प डेस्क से संबंधित रिपोर्ट भेजने का भी निर्देश दिया। 
 

एग्रीस्टैक प्रशिक्षण को मिल रही है गति
निरीक्षण के दौरान उन्होंने वित्त आयुक्त ने पंचकुला स्थित उपायुक्त कार्यालय में चल रहे एग्रीस्टैक प्रशिक्षण की समीक्षा भी की। उन्होंने प्रशिक्षण सत्र में भाग लेकर  मॉड्यूल की समीक्षा की और प्रशिक्षार्थियों से बातचीत की। उन्हें बताया गया कि राज्य के सभी जिलों में इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं।
 डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा सरकार ओटीपी आधारित आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया के माध्यम से किसान रजिस्ट्री (एग्रीस्टैक) के तहत 1.38 करोड़ किसानों का पंजीकरण करने जा रही है, जो सीधे पीएम-किसान योजना और अन्य लाभार्थी योजनाओं से जुड़ी होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजीकरण लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
 

 

सभी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक का कार्य तेज गति से किया जाएगा, क्योंकि यह प्रौद्योगिकी-आधारित शासन और किसान-केंद्रित सेवाओं के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि “एग्रीस्टैक का उचित कार्यान्वयन सटीक डेटा, कुशल सेवा वितरण और बेहतर नीति नियोजन सुनिश्चित करके किसानों को अत्यधिक लाभ पहुंचाएगा।”
 
वितायुक्त  ने कहा कि अचानक किए गए निरीक्षण और समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जमीनी स्तर पर किए गए सुधार नागरिकों के लिए वास्तविक लाभ में तब्दील हों, साथ ही पारदर्शी, कुशल और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करना था।
 
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