सदन में वंदे मातरम् पर हो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबोधन के दौरान विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर की नारेबाज़ी, लगाए मुर्दाबाद के नारे, हंगामा खड़ा किया
डॉ आराधना सिंह
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस पार्टी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही विपक्ष के कईं विधायकों को सदन से बाहर निकाले जाने का फरमान जारी हो गया। हुआ यूं कि कांग्रेस विधायक वंदे मातरम पर किसी बात को लेकर विरोध जताते हुए वेल में आकर स्पीकर की चेयर तक पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। ये तब हुआ, जब नेता सदन नायब सिंह सैनी वंदे मातरम पर अपनी बात कह रहे थे। ऐसे में स्पीकर ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए बार बार कांग्रेस विधायकों को अपनी सीट पर जाने के लिए कहा। उनका अनुरोध बेअसर होता दिखा तो स्पीकर ने लास्ट वार्निंग भी दी, नहीं मानने पर स्पीकर ने कांग्रेस के ,10 विधायकों को नेम कर दिया, लेकिन कांग्रेसी माननीय सीटों से अलग ही अड़े खड़े रहे और अपनी सीट पर बैठने को राजी नहीं हुए। ऐसे में नेम किए गए कांग्रेस विधायकों को बाहर ले जाने के लिए मार्शल्स को कड़ाई से आदेश पालन करने को कहा गया, जिससे सदन में स्थिति विकट बन गई।
शुक्रवार दोपहर बाद ये वो समय था, जब मार्शल्स के सामने असहज स्थिति पैदा हो गई थी, स्पीकर द्वारा नेम करने के बाद भी कांग्रेस विधायक जब सदन से बाहर नहीं गए और हाथा पाई करने लगे तो स्थिति बिगड़ गई। कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ और विकास सहारण को बाहर ले जाने की कोशिश में हुई हाथापाई में एक मार्शल की वर्दी की शान उनकी कैप गिर गई, लेकिन तब भी नेम किए गए विधायक बाहर जाने को तैयार नहीं थे। ये देख हर कोई हैरान रहा।
इस पर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने अभूतपूर्व कड़ाई बरतते हुए मार्शल्स को आदेश दिया कि नेम किए गए विधायकों को बाहर ले जाने की जिम्मेवारी मार्शल्स की ही है, वो अपनी ड्यूटी निभाएं। सख्ती दिखाते हुए मार्शल्स ने सबसे पहले जस्सी पेटवाड़ को पीछे से उठाने की कोशिश की, लेकिन फिर भी उनके और नेम किए गए विधायकों की ओर से सरकार के खिलाफ नारेबाजी और मुर्दाबाद के नारों में कोई कमी नहीं आई। इस दौरान और मार्शल्स अंदर बुला लिए गए, जिनमें महिलाएं भी थीं। शकुंतला खटक और गीता भुक्कल को नेम होने की स्थिति में अपने आप ही बाहर जाने के लिए मनाने की तमाम कोशिशें बेअसर हो गईं और मार्शल्स का अनुरोध काम नहीं आया।
इस बीच कांग्रेस विधायक बलराम दांगी को ले जाने में भी मार्शल्स को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन वो भी जाते जाते नारे लगाते देखे गए। नरेश सेलवाल को मार्शल्स ने उठाया, तो वे जोर लगाकर नारेबाज़ी करने लगे, लेकिन नियमों में बंधे मार्शल्स उन्हें बाहर ले गए। अशोक अरोड़ा खुद ही बाहर जाते देखे गए। इस दौरान स्पीकर की सख्ताई पहली मर्तबा सदन ने देखी, जबकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जिनको भी नेम किया है, उनमें से एक भी अंदर नहीं होना चाहिए।
ये सब देख नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पीकर हरविंद्र कल्याण से अनुरोध किया कि आदेश वापस ले लें, लेकिन स्पीकर ने नियमों का ध्यान रखते हुए कहा कि एक बार जिनको भी नेम किया है, उन्हें बाहर जाना ही पड़ेगा। ऐसे में हुड्डा ने गीता भुक्कल को एक बार बाहर जाने को बोला, लेकिन वह नहीं मान रही थीं। लेकिन महिला मार्शल्स के दबाव के चलते उन्हें अपनी सीट से हटना पड़ा, लेकिन जाते जाते वह नायब सिंह सैनी मुर्दाबाद और सरकार के मुर्दाबाद के नारे लगाते दिखीं। इस बीच मार्शल्स को करीब आते देख उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि दूर रहिए, मैं खुद चलकर जाऊंगी। यही कुछ स्थिति विधायक शकुंतला खटक को लेकर भी हुई।
इन विधायकों को किया गया नेम
स्पीकर हरविंद्र कल्याण द्वारा नेम किए गए कांग्रेस विधायकों में इंदु राज नरवाल, जस्सी पेटवाड़, विकास सहारण, अशोक अरोड़ा, गीता भुक्कल, शकुंतला खटक, देवेंद्र हंस, बलराम दांगी और नरेश सेलवाल शामिल रहे। हालांकि स्पीकर तक पहुंचाई गई दूसरी पर्ची में भी एक कांग्रेस विधायक का नाम शामिल था, जिनको स्पीकर ने नेम किया जरूर, लेकिन पंद्रह मिनटों के लिए सदन में बनी स्थिति को लेकर वह बाहर जाने से बचे रह गए। हालांकि मार्शल की ओर से कांग्रेसी माननीय को बताया भी कि उन्हें नेम किया गया है, किंतु वह अपनी सीट से उठे ही नहीं।
…हुड्डा के अनुरोध पर स्पीकर ने दिखाई दरियादिली
नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नेम किए गए कांग्रेस विधायकों को वापस सदन में बुलवाने का अनुरोध किया, जिस पर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने उनसे यही कहा कि ऐसे तो वेल में आने को मान्यता मिल जाएगी। बार बार अनुरोध करने के बाद भी जब कांग्रेसी विधायक नहीं मानेंगे तो व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेम तो करना ही पड़ेगा। हुड्डा के अनुरोध और नेता सदन नायब सिंह सैनी की सहमति पर स्पीकर ने नेम किए गए कांग्रेस विधायकों को वापस बुलाने की मंजूरी दे दी। इसके चंद मिनटों के बाद हुड्डा कुछ मिनटों के लिए सदन से बाहर भी गए, जिस पर यही समझा गया कि संभवतः वह नेम किए गए विधायकों को वापस लाने गए हैं। लेकिन कुछ मिनटों के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा तो सदन में आ गए, लेकिन नेम किए गए सभी विधायक अंदर नहीं आए। बाद में लगभग पौन घंटे बाद एक एक करके वे सभी माननीय सदन में वापस आ गए, जिन्हें नेम किया गया था, लेकिन सदन के इतिहास में आज के दिन की कार्यवाही खट्टी यादों के साथ दर्ज हो गई।
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