संविधान की मूल भावना अपनाकर राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ें युवा : उपसभापति हरिवंश

संविधान पर मार्गदर्शन: ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी से ही सशक्त होगा लोकतंत्र

जागरूक युवा ही सशक्त लोकतंत्र और विकसित राष्ट्र की आधारशिला : विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण

संविधान की राह पर चलकर युवा बनें विकसित भारत के सशक्त निर्माता : डॉ. कृष्ण लाल मिढ्ढा

राज्यसभा उपसभापति ने डीसीआरयूएसटी मुरथल में युवा सम्मेलन शिरकत करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का किया आह्वान

न्यूज़म ब्यूरो

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सोनीपत, 21 मार्च : हरियाणा विधानसभा के सौजन्य से दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल के सभागर में संविधान के सिद्धांत, विशेषताएं एवं विधायिका के कार्य विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायक युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में राज्यसभा के उप-सभापति हरिवंश ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उप-सभापति ने कहा कि विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की अध्यक्षता में सचिवालय अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण योजना, विधायी प्रारूपण कार्यशालाएं, नगर निकाय प्रतिनिधियों के सम्मेलन, मीडिया संवाद तथा युवाओं के लिए युवा संसद जैसे किए गए कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। उन्होंने हरियाणा विधान सभा द्वारा किए जा रहे नवाचारों और सकारात्मक पहलों की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए विधानसभा द्वारा उठाए गए कदम अत्यंत सराहनीय हैं।

हरिवंश ने कहा कि हरियाणा एक युवा शक्ति से परिपूर्ण प्रदेश है और यहां के युवाओं ने खेल, कृषि, सुरक्षा, उद्यमिता और सांस्कृतिक क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे अपने जीवन में दृढ़ संकल्प और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें, तो वे न केवल अपना भविष्य संवार सकते हैं, बल्कि देश को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

उन्होंने दीनबंधु छोटू राम के जीवन और उनके संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे एक दूरदर्शी किसान नेता थे, जिन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे महान व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा लें और समाज के उत्थान के लिए कार्य करें। इसके पश्चात उन्होंने संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जीवंत सामाजिक दस्तावेज है, जो देश की विविधता को एकता में पिरोता है। उन्होंने कहा कि संविधान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले लोग कितने ईमानदार, समर्पित और जिम्मेदार हैं।

उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि देशहित को सर्वोपरि रखा जाए, तो कोई भी व्यवस्था सफल हो सकती है, लेकिन यदि व्यक्तिगत या दलगत हित हावी हो जाएं, तो मजबूत से मजबूत व्यवस्था भी कमजोर पड़ जाती है। उन्होंने युवाओं को चेताते हुए कहा कि वे हमेशा राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें।

उप-सभापति ने संविधान की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्व का सबसे विस्तृत लिखित संविधान है, जिसमें मौलिक अधिकार, नीति निर्देशक तत्व, स्वतंत्र न्यायपालिका, संघीय ढांचा तथा एकल नागरिकता जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में कठोरता और लचीलापन दोनों का संतुलन है, जो इसे समयानुकूल बनाए रखता है। उन्होंने संविधान सभा की कार्यप्रणाली के बारे में कहा कि गंभीर मतभेदों के बावजूद वहां सदन की गरिमा बनाए रखते हुए सभी निर्णय आम सहमति से लिए गए। उन्होंने कहा कि आज के जनप्रतिनिधियों को भी उसी मर्यादा और अनुशासन का पालन करना चाहिए, जिससे लोकतंत्र और मजबूत हो सके।

देश की प्रगति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने डिजिटल लेनदेन, उद्यमिता और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि आज देश में लाखों नए उद्यम स्थापित हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाओं ने पारदर्शिता बढ़ाई है और योजनाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बदलते वैश्विक परिदृश्य को समझें और नवाचार, उद्यमिता तथा कौशल विकास के माध्यम से अपने लिए नए अवसर तलाशें। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। अंत में उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कर्तव्य ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है और प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए।

इस दौरान हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि आज का यह सम्मेलन युवाओं की जागरूकता बढ़ाने और उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोडऩे के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में संविधान के सिद्धांतों, संवैधानिक मूल्यों, विधायिका की भूमिका तथा नागरिकों के कर्तव्यों पर व्यापक चर्चा हुई, जो युवाओं के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और तपस्या के कारण ही आज देश मजबूत लोकतंत्र के रूप में स्थापित है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन देश के नेतृत्व के उस संकल्प का हिस्सा हैं, जिसके तहत प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा, जिम्मेदार और जागरूक बनें।

उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में चाहे वे किसी भी क्षेत्र चिकित्सा, अभियंत्रण, प्रशासन, विज्ञान या उद्यमिता में आगे बढ़ें, उन्हें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही सशक्त लोकतंत्र की नींव होते हैं और युवाओं को चाहिए कि वे अपने जनप्रतिनिधियों से प्रश्न करें, उनकी कार्यप्रणाली पर नजर रखें और समाज की समस्याओं को उठाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि आज के दौर में नवाचार, पारदर्शिता और अवसरों की बढ़ती संभावनाएं युवाओं के लिए नए मार्ग खोल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवा सकारात्मक सोच और संवैधानिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे, तो वे न केवल अपना उज्ज्वल भविष्य बनाएंगे, बल्कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिढ्ढा ने कहा कि भारत का संविधान केवल कागजों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव है, जो हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। उन्होंने बताया कि विधायी कार्य केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की आवाज को न्याय के रूप में स्थापित करने की प्रस्रि5या है। डॉ. मिढ्ढा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे जागरूक बनकर लोकतंत्र को मजबूत करें और वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सफलता के साथ राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना ही सच्ची देशभक्ति है और युवाओं की ऊर्जा, संकल्प व समर्पण से भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

इस दौरान हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के सलाहकार रामनारायण यादव ने भी युवाओं को सविधांन के निर्माण से लेकर उसमें किए गए संशोधनों व विधानसभा के कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार ने बताया। इस दौरान राज्यसभा सचिवालय की संयुक्त सचिव रोजी साइलो दामोदरन तथा राज्यसभा सचिवालय के निदेशक नरेंद्र कुमार ने भी युवाओं को संविधान के सिद्धांत, मौलिक कर्तव्यों व संसद के कार्यप्रणाली के बारे में जागरूक किया।

इस मौके पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, विधायक राई कृष्णा गहलावत, विधायक सोनीपत निखिल मदान, विधायक गन्नौर देवेन्द्र कादियान, विधायक  पवन खरखौदा, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक एस० नारायणन, जिला उपायुक्त नेहा सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, एसडीएम सुभाष चंद्र, डीसीआरयूएसटी के कुलपति डॉ० प्रो० श्री प्रकाश सहित विधानसभा से आए अनेक व्यक्ति व अधिकारी मौजूद रहे।

 

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