भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगाएं सीसीटीवी कैमरे, सेव रखें 30 दिनों का बैकअप : डीआईजी सुरेंद्र पाल सिंह

उप महानिरीक्षक सुरेंद्रपाल सिंह ने जिला यमुनानगर का दौरा कर अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ की अपराध गोष्ठी

अपराध व कानून व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश 

न्यूज़म ब्यूरो 

यमुनानगर : शनिवार को डीआईजी सुरेंद्र पाल सिंह ने जिला यमुनानगर का दौरा किया। जिला मुख्यालय पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने उनका स्वागत किया। इस दौरान लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, एडिशनल एसपी अमरिंदर सिंह, उप-पुलिस अधीक्षक रजत गुलिया, आशीष चौधरी, हरविंदर सिंह, राजीव मिगलानी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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गोष्ठी के दौरान उप महानिरीक्षक ने जिला की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की तथा अपराध डायरी का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जिले में चोरी, लूट व साइबर अपराध के मामलों में कमी लाने के लिए जिला यमुनानगर पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही नशा तस्करी, उद्घोषित अपराधियों व जमानत पर चल रहे अपराधियों सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए।

डीआईजी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी थाना एवं चौकी क्षेत्र में नियमित रूप से पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए तथा सीलिंग प्लान के तहत नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की जाए। महिला एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को संवेदनशीलता के साथ सहायता प्रदान की जाए।

बैठक के दौरान डीआईजी ने निर्देश दिए कि पेट्रोल पंप, बैंक, ज्वैलरी की दुकानें, होटल, ढाबे, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, मार्केट व कोचिंग संस्थानों सहित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। प्रवेश व निकासी द्वारों पर कैमरे अवश्य लगाए जाएं तथा कम से कम 30 दिनों का बैकअप सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे अपराध की रोकथाम तथा अपराधियों की पहचान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उप महानिरीक्षक ने अधिकारियों को आम नागरिकों के साथ विनम्र व सभ्य व्यवहार करने के निर्देश देते हुए कहा कि आपातकालीन कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया देना पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करता है। इसलिए हर कॉल पर तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आमजन की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनकर उनका समाधान किया जाए।

डीआईजी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु होती है तथा कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इसलिए आमजन को मोटर वाहन अधिनियमों की पालना के लिए प्रेरित किया जाए। हरियाणा पुलिस द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा अभियान व प्रतियोगिताओं के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है।

डीआईजी ने कहा कि युवा पीढ़ी का समाज पर विशेष प्रभाव होता है, इसलिए पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

 

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