आपदा में मोदी देखते राष्ट्र प्रथम-भारतीय प्रथम, विपक्ष तलाशता राजनीतिक एजेंडा : नायब सिंह सैनी

हरियाणा में पैट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर होगी सख़्त कार्रवाई

विपक्षी जनता को भ्रमित न करें, आपदा में सहयोग करें

निश्छल भटनागर

चंडीगढ़, 28 मार्च। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के लोगों को आश्वस्त किया है कि मध्य -एशिया में बने हालातों के मद्देनजर राज्य में पैट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, उनको घबराने की जरुरत नहीं है। उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी तथा जमाख़ोरी करने वालों को साफ़ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई इस मामले में संलिप्त पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में मीडिया के साथियों से प्रेस वार्ता कर रहे थे।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के डीजी के. मकरंद पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक ( प्रशासन ) वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि मध्य एशिया में युद्ध की स्थिति के बीच कुछ लोग आवश्यक वस्तुओं की कमी होने का भ्रम फैला रहे हैं जबकि देश एवं प्रदेश में सब सामान्य है। उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती  करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे आम जनता के लिए डीजल, पेट्रोल व गैस के दाम स्थिर बने रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी देश पर किसी भी प्रकार की आपदा आई है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा “राष्ट्र प्रथम- भारतीय प्रथम” के दृढ़ संकल्प के साथ हर मोर्चे पर देशवासियों के साथ खड़े रहे हैं। चाहे कोरोना काल हो, अफगानिस्तान संकट हो या अन्य किसी प्रकार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ—हर बार उन्होंने देश की जनता को एकजुट किया है, जबकि कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का एजेंडा आपदा में राजनीति तलाशना है। वहीँ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने और भारतीय हितों की रक्षा के लिए अन्य देशों के सभी संबंधित नेताओं के संपर्क में हैं।

उन्होंने कहा कि “राष्ट्र प्रथम” और “भारतीय प्रथम” की इस नीति की पहली सफलता अपने नागरिकों को वापस लाने और अपने व्यापारिक हितों को स्ट्रेट ऑफ होरमुज से गुजारने के माध्यम से मिली थी और अब एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके दुष्प्रभाव को कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल व गैस की कोई कमी नहीं है। इसलिए लोगों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अनुरोध किया कि आप घबराकर खरीदारी करने से बचें ताकि व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं इस संबंध में पेट्रोलियम कंपनियों के साथ बैठक की है। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल व गैस की आपूर्ति की स्थिति इस समय भी वैसी ही है, जैसी 4 महीने पहले थी। वर्तमान में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में कुल 4 हजार 32 सरकारी पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां प्रतिदिन औसतन 4 हजार 804 किलो लीटर पेट्रोल और 12 हजार 3 किलो लीटर डीजल की बिक्री हो रही है।

उन्होंने आगे बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा टर्मिनल संचालन बढ़ाया गया है। डिस्पैच तेज किए गए हैं, फील्ड अधिकारियों की तैनाती की गई है और सुबह के समय सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे स्थिति सामान्य है।

उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में रसोई गैस की स्थिति भी पूरी तरह संतोषजनक है। राज्य में प्रतिदिन लगभग 2 लाख सिलेंडर प्राप्त हो रहे हैं और लगभग 1 लाख 90 हजार सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। बॉटलिंग प्लांट्स पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और रिफिल के लिए शहरों में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के नियम का पालन किया जा रहा है। कमर्शियल एल.पी.जी की आपूर्ति भी की जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अस्पतालों, स्कूलों और अन्य आवश्यक संस्थानों में गैस की किसी भी प्रकार की कमी न हो।

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नायब सिंह सैनी ने बताया कि वर्तमान में, कुल 1 लाख 73 हजार कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है। केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल एल.पी.जी. के क्षेत्र में 70 प्रतिशत आवंटन ढांचा बनाया गया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में घरेलू LPG की देश में की जा रही प्रोडक्शन को 40 प्रतिशत से बढ़ा दिया है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो जाए।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।  गत 24 मार्च तक 928 एल.पी.जी. सिलेंडर व 4 वाहन कब्जे में लिए गए हैं, 66 आरोपियों की पहचान की गई है और 8 एफ.आई.आर दर्ज की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार की व्यवस्था में गैस कंपनियों के कर्मचारी रेहड़ी पर सिलेंडर लिए घूम रहे हैं वहीँ विपक्ष के कुछ लोग खाली सिलेंडर उठाए उठाए घूमते दिखते हैं, कहीं ऐसा नहीं कि कोई कमी हो, लेकिन विपक्ष इसे एजेंडे के तौर पर लेता है।

हमने किया फैसला, 3 लाख रुपये से प्रति किलोमीटर का लीज रेंट किया 1000 रुपये प्रति किमी एकमुश्त 

मुख्ययमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गैस की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए एक और अहम कदम उठाया है। वर्तमान में, हरियाणा में PNG गैस पाइपलाइन बिछाने पर 3 लाख रुपये प्रति किलोमीटर का लीज रेंट 10 साल के लिए अग्रिम लिया जाता है। सरकार ने इसे 1 हजार रुपये प्रति किलोमीटर एकमुश्त करने का निर्णय लिया है। इससे गैस कंपनियों और आम जनता को भी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में इस समय 28 हजार 377 किलोमीटर लंबी पी.एन.जी. पाइपलाइन बिछी हुई है। अब इस काम में और तेजी आएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हरियाणा LPG से PNG की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सरकार ने  प्रदेश में पी.एन.जी के लिए 13 लाख 33 हजार 603 का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके मुकाबले 5 लाख 59 हजार 761 कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। इनमें से 3 लाख 32 हजार 162 कनेक्शन चालू भी हो गए हैं। शेष 2 लाख 27 हजार 599 कनेक्शन चालू करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार ने  PNG नेटवर्क बढ़ाने के लिए Deemed Permission का प्रावधान कर दिया है।  घरेलू कनेक्शन की संख्या आने वाले तीन माह में डबल कर दी जाएगी। जहां तक सी.एन.जी की बात है तो राज्य में 586 सी.एन.जी स्टेशन हैं। इसका पाइपलाइन नेटवर्क 28 हजार 377 इंच-किलोमीटर है। विभिन्न जिलों जैसे भिवानी, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, करनाल और कैथल में पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के क्षेत्र में भी हरियाणा मजबूत स्थिति में है। प्रदेश में 455 कि.मी. लंबी छायंसा-झज्जर-हिसार पाइपलाइन, 921 कि.मी. लंबी दादरी-बवाना-नांगल पाइपलाइन, 132 कि.मी. लंबी दादरी-पानीपत पाइपलाइन हैं। साथ ही, एच.वी.जे-जी.आर.ई.पी.-डी.वी.पी.एल नेटवर्क पूरी तरह संचालित हैं, जबकि मेहसाणा-बठिंडा पाइपलाइन आंशिक रूप से चालू है।

इसके अतिरिक्त, पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइनों में रेवाड़ी-कानपुर, जामनगर-लोनी और मुंद्रा-दिल्ली पाइपलाइन पूरी तरह कार्यरत हैं, जबकि पियाला-जेवर पाइपलाइन का निर्माण कार्य जारी है। कुल मिलाकर, हरियाणा में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एल.पी.जी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।

नायब सिंह सैनी ने बताया कि बीते कल ही उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों से बैठक कर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति के बारे में जानकारी प्राप्त की है, कहीं कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ने भी इस विषय में विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से कल ही संवाद करके स्थिति का जायजा लिया है। साथ ही, उन्होंने विश्वास दिलाया है कि केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को निर्बाध व पर्याप्त बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।

उन्होंने बताया कि वर्तमान हालातों में आने वाली लोगों की समस्या सुनने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर तथा उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तर पर वॉर -रूम स्थापित किये गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि आप वर्तमान स्थिति में प्रधानमंत्री  के संकल्प को समझे और इस समय सरकार के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वर्तमान स्थिति, सरकार के संकल्प और उठाए गए ठोस कदमों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाए ताकि, प्रदेश के लोग पूरी तरह जागरूक और सूचित रह सकें।

नायब सिंह सैनी ने पेट्रोलियम पदार्थों की कमी का भ्रम फ़ैलाने वाले विपक्षी नेताओं से आग्रह किया कि वे जनता को भ्रमित न करें , बल्कि आपदा के समय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आपदा में भी राजनीति तलाशना कांग्रेस का हमेशा से एजेंडा रहा है , लेकिन लोग उनके बहकावे में नहीं आएंगे।

 

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