पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने की शिरकत
अटल स्मृति संकल्प संभार मुखपत्र का विमोचन भी किया
प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास भी रहे उपस्थित प्रदेश
चंडीगढ़, 25 दिसम्बर : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक राजनेता नहीं थे, वे भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति थे। उनके शब्दों में राष्ट्र बोलता था। उनकी वाणी में लोकतंत्र सांस लेता था और उनके विचारों में भारत का भविष्य आकार लेता था। वे ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने राजनीति को कविता से जोड़ा, सत्ता को संवेदना से जोड़ा और राष्ट्रनीति को मानवीय मूल्यों से समृद्ध किया। मुख्यमंत्री वीरवार को देर सांय पुलिस ऑडिटोरियम अम्बाला शहर के सभागार में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रसिद्ध कवि डॉ.कुमार विश्वास थे तथा कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्षता पूर्व मंत्री असीम गोयल नन्यौला ने की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, डॉ कुमार विश्वास, असीम गोयल ने अटल स्मृति संकल्प संभार मुखपत्र का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्मृति संकल्प के अंतर्गत प्रदेश भर में अटल जी को समर्पित सौ कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज उन्हें अंबाला की इस पुण्य धरा पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर अत्यंत गर्व, संतोष और भावनात्मक ऊर्जा का अनुभव हो रहा है। आज का यह अवसर केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की चेतना, विचार और संवेदना को नमन करने का महापर्व है।

उन्होंने कहा कि आज ही महान स्वतंत्रता सेनानी और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी का भी जन्मदिन है। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सुधार, मातृ भाषा और भारत माता की सेवा में समर्पित कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम अटलजी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मना रहे हैं। इसी उपलक्ष में बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने कर-कमलों से पंचकुला में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया है। साथ ही, उनके जीवन पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन और रक्तदान शिविर का उद्घाटन करके उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि दी। उन्होंने उनकी याद में प्रदेश के विभिन्न गांवों में 250 अटल पुस्तकालयों का उद्घाटन भी किया।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि अटल जी की सबसे बड़ी विशेषता यही थी कि वे विचारधारा के प्रति दृढ़ थे। लेकिन, संवाद के प्रति सदैव खुले थे। वे विरोधियों का भी सम्मान करते थे और असहमति को भी लोकतंत्र की शक्ति मानते थे। आज जब हम उन्हें अपने अटल कहते हैं, तो यह केवल संबोधन नहीं, यह अपनेपन की अनुभूति है। अटल जी हर भारतवासी के अपने थे। उन्होंने कहा था कि ‘छोड़ो मत अपनी आन, कठिनाइयों में भी मत छोड़ो अपनी पहचान।’उनका यही संदेश आज भी भारत के युवाओं को संघर्ष और संकल्प का मार्ग दिखा रहा है।
उन्होंने कहा कि कविता समाज का दर्पण होती है। राष्ट्र की संवेदना होती है और समय का सत्य होती है। अटल जी स्वयं एक श्रेष्ठ कवि थे। उनकी कविताएं सत्ता के शिखर पर बैठकर भी आम जन के मन की पीड़ा को अभिव्यक्त करती थीं। उनकी रचनाओं में राष्ट्रवाद था, लेकिन वह मानवता से जुड़ा राष्ट्रवाद था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हरियाणा की भूमि वीरों, संतों और विद्वानों की भूमि रही है। यह वही धरती है जहां शौर्य भी है, श्रम भी है और साहित्य भी है। हमारी सरकार का यह स्पष्ट विश्वास है कि विकास केवल सडक़ों, इमारतों और परियोजनाओं से नहीं होता बल्कि विकास तब पूर्ण होता है जब समाज की चेतना जागृत हो, जब संस्कृति समृद्ध हो और जब विचारों की अभिव्यक्ति को सम्मान मिले। इसी सोच के साथ हम साहित्य, कला और संस्कृति को निरंतर प्रोत्साहन दे रहे हैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश आज ‘सुशासन, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण’ के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

यह वही मार्ग है, जिसकी नींव अटलजी ने अपने कार्यकाल में रखी थी। चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्गों का स्वर्णिम चतुर्भुज हो, परमाणु शक्ति के माध्यम से भारत की सामरिक क्षमता को सुदृढ़ करना हो या फिर वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हो, अटल जी के निर्णय आज भी भारत की प्रगति की आधारशिला बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम हमें यह भी स्मरण कराता है कि लोकतंत्र केवल शासन की व्यवस्था नहीं, बल्कि संवाद की संस्कृति है। कविता संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। जब शब्द दिल से निकलते हैं, तो वे दिल तक पहुंचते हैं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल नन्यौला ने मुख्यमंत्री तथा कवि कुमार विश्वास को शॉल भेंट कर, पगड़ी पहनाकर व अटल जी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया।

अटलजी भी नायाब थे और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी अटल हैं : डा. कुमार विश्वास
कार्यक्रम में प्रसिद्ध कवि डा. कुमार विश्वास ने अपनी काव्य रचनाओं के द्वारा मुख्यमंत्री व हरियाणा सरकार की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कुमार विश्वास ने कहा कि अटलजी भी नायाब थे और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी अटल हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बहुत सोम्य व मिलनसार हैं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक असीम गोयल नन्यौला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं प्रसिद्ध कवि डा. कुमार विश्वास का मां अम्बा की धरती अम्बाला में स्वागत करते हुए कहा कि आज हम ऐसे महान व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती पर एकत्रित हुए हैं। हमें सदैव स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के पदचिन्हो पर चलते हुए समाज एवं देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए।

कवि कुमार विश्वास ने अपनी काव्य रचनाओं के द्वारा अटल जी से जब उनका परिचय हुआ था उस बारे में जिक्र करते हुए कहा कि जिनकी एक राजनेता के साथ-साथ एक कवि की छवि भी जन-जन के मन में आज भी रची-बसी हुई है। उनके द्वारा प्रधानमंत्री रहते हुए जो कार्य करवाए गए उन्हें देश के लोग आज भी याद करते हैं। स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी भगवान राम को अपना आदर्श मानकर प्रधानमंत्री रहते हुए देश के नवनिर्माण के लिए कार्य किया। कुमार विश्वास ने जुमलों, काव्य व साहित्य एवं स्वर्गीय अटल जी के व्यक्तित्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कविता कि मैं अपने गीत-गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत उसके नाम करता हूं, हवा का काम है चलना….., एक दूसरी रचना कि कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है, मगर धरती की बेचैनी बादल समझता है, यहां सब लोग कहते हैं……., महा समर में रीता, कब तक गाउं गीता और अभी कितने जन्मो तक तुझ से दूर बिताउं, कब तक गीत सुनाउं राधा।

नायबजी ने चीफ मिनीस्टर से कॉमन मैन तक का जो सफर तय किया, उससे जन-जन के मन में बस गए : पूर्व मंत्री असीम गोयल नन्यौला
पूर्व मंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक असीम गोयल नन्यौला ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सत्ता को सेवा का एक साधन बनाया है, उस अटल संकल्प को देखकर आज पूरे हरियाणा के पौने तीन करोड़ लोगों का यह परिवार मानता है कि नायब जी मेरे अपने हैं। सीएम चीफ मिनीस्टर से कॉमन मैन तक का जो सफर तय किया है उससे जन-जन के मन में मुख्यमंत्री बस गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज मुख्यमंत्री फतेहगढ साहिब की उस पावन धरा से जहां पर शहादत की ऐसी कहानी लिखी गई, जिसकी अगर शहादत न हुई होती तो आज हम ऐसे नहीं बैठे होते, आज हमारे देश का यह स्वरूप न होता, कल वीर बाल दिवस है और आज मुख्यमंत्री जी माता गुजर कौर जी और दोनों साहिबजादों को वहां नमन करके आए हैं। उन्होने कहा कि माता गुजर कौर का मायका स्थल भी अम्बाला के गांव लखनौर साहिब में है। उन्होने गुरू गोबिंद सिंह जी के परिवार को कोटि-कोटि नमन किया।

इस अवसर पर ओएसडी सीएम (प्रचार) गजेन्द्र सिंह फोगाट, नगर निगम मेयर शैलजा सचदेवा, उपायुक्त अजय सिंह तोमर, एसपी अजीत सिंह सेखावत, जिला प्रभारी चेयरमैन धर्मवीर मिर्जांपुर, जिला प्रधान मनदीप राणा, वरिष्ठ भाजपा नेत्री बंतो कटारिया, हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त नीता खेडा, विधानसभा संयोजक रितेश गोयल, जिला महामंत्री विवेक गुप्ता व कर्मचंद गोल्डी, जगमोहन लाल कुमार, गुरविन्द्र सिंह मानकपुर, अनुभव अग्रवाल, यतिन बंसल, अर्पित अग्रवाल, बीनू गर्ग, रमेश पाल नोहनी, नम्रता गौड, सौरभ गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर राजेश मेहता, पवित्र सिंह बाजवा, हरपाल सिंह कम्बोज, सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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