हनुमान जी की रामभक्ति से मिलती है हमें राष्ट्रभक्ति की भी प्रेरणा : मोहन लाल बड़ौली

सिर्फ शक्ति नहीं, भक्ति के प्रतीक भी है हनुमान जी : मोहन लाल बड़ौली

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 1 अप्रैल। हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि हनुमान जयंती का पावन पर्व भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा में अद्वितीय स्थान रखता है। यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, प्रेरणा और संकल्प का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि हनुमान जी के जीवन को यदि हम गहराई से समझें, तो यह स्पष्ट होता है कि वे केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, अनुशासन और विनम्रता के भी सर्वोच्च आदर्श हैं। उनका संपूर्ण जीवन इस बात का उदाहरण है कि जब व्यक्ति अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किसी महान उद्देश्य के लिए समर्पित हो जाता है, तो वह असंभव को भी संभव बना सकता है।

मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि हनुमान जी का चरित्र हमें यह सिखाता है कि सच्ची शक्ति केवल शारीरिक बल में नहीं होती, बल्कि वह शक्ति सेवा के भाव, आत्मसंयम और कर्तव्यनिष्ठा में निहित होती है। उन्होंने कभी अपने लिए कुछ नहीं चाहा, उनका हर कार्य प्रभु श्री राम की सेवा और उनके उद्देश्य की पूर्ति के लिए था। यही निष्काम भाव उन्हें अन्य सभी से विशिष्ट बनाता है। बड़ौली ने कहा कि जब हनुमान जी ने लंका में जाकर माता सीता का पता लगाया, जब संजीवनी लाकर उन्होंने लक्ष्मण जी के प्राण बचाए, तब उन्होंने अपने सामर्थ्य का उपयोग केवल धर्म और कर्तव्य के लिए किया, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए। यह भावना आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी उस युग में थी।

बड़ौली ने कहा कि आज जब हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में समाज और राष्ट्र की सेवा में जुटे हैं, तब हनुमान जी का जीवन हमारे लिए मार्गदर्शक बन जाता है। एक सच्चा कार्यकर्ता भी उसी भावना के साथ कार्य करता है, निस्वार्थ सेवा, संगठन के प्रति पूर्ण समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना। बड़ौली ने कहा कि जिस प्रकार हनुमान जी ने हर चुनौती को अवसर में बदला और हर परिस्थिति में प्रभु श्री राम के साथ खड़े रहे, उसी प्रकार भाजपा का हर कार्यकर्ता भी हर परिस्थिति में समाज के साथ खड़ा रहता है। चाहे कठिनाइयाँ हों, आलोचनाएँ हों या बाधाएँ-उसका ध्येय केवल सेवा और राष्ट्र निर्माण होता है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने कहा कि हनुमान जी को “संकटमोचन” कहा जाता है, क्योंकि वे हर संकट को दूर करने वाले हैं। यह केवल एक धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि एक जीवन दृष्टि भी है। आज जब हमारा देश विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब यह आवश्यक है कि हम भी उसी भावना को अपनाएं-समस्याओं से भागने के बजाय उनका समाधान बनें। बड़ौली ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता इसी भावना के साथ कार्य करता है कि वह समाज के हर वर्ग तक पहुंचे, उनकी समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए पूरी निष्ठा के साथ प्रयास करे। यही कारण है कि आज संगठन केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का व्यापक आंदोलन बन चुका है।

मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि हनुमान जी के जीवन का एक और महत्वपूर्ण पक्ष है उनका अनुशासन और अपने प्रभु श्रीराम पर अटूट विश्वास। उन्होंने सदैव प्रभु श्री राम के आदेश को सर्वोपरि माना और कभी भी अपने निर्णय को उनके आदेश से ऊपर नहीं रखा। यही अनुशासन उन्हें महान बनाता है। संगठन के संदर्भ में भी यह बात उतनी ही महत्वपूर्ण है। जब कार्यकर्ता अनुशासन के साथ, एकजुट होकर और एक ही लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करते हैं, तब कोई भी शक्ति उन्हें आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती। संगठन की सफलता का आधार भी यही है – समन्वय और नेतृत्व के प्रति सम्मान।

बड़ौली ने कहा कि आज के समय में, जब व्यक्तिगत स्वार्थ और प्रतिस्पर्धा की भावना समाज में बढ़ती जा रही है, तब हनुमान जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्ची सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों में नहीं, बल्कि सामूहिक कल्याण में निहित होती है। जब हम अपने कार्यों को समाज और राष्ट्र के हित से जोड़ते हैं, तब हमारा हर प्रयास एक बड़े उद्देश्य का हिस्सा बन जाता है। यही विचार हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और यही हमें एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि हनुमान जयंती का यह पावन अवसर हम सभी के लिए एक संकल्प का क्षण है। यह हमें यह सोचने का अवसर देता है कि क्या हम अपने जीवन में उन आदर्शों को अपना पा रहे हैं, जिनका प्रतिनिधित्व हनुमान जी करते हैं। क्या हम सेवा, समर्पण, अनुशासन और विनम्रता के मार्ग पर चल रहे हैं? यदि नहीं, तो यह अवसर है स्वयं को पुनः दिशा देने का। यदि हां, तो यह अवसर है अपने संकल्प को और मजबूत करने का।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, इस पावन पर्व पर हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने भीतर हनुमान जी के गुणों को विकसित करेंगे, समाज और राष्ट्र की सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाएंगे और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान देंगे जो मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर हो। यही सच्चे अर्थों में हनुमान जयंती का संदेश है और यही हमारे जीवन का मार्गदर्शन भी। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

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