ग्रामीण स्वच्छता व जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का फोकस : नायब सिंह सैनी

तालाबों की सफाई, गाद निकासी और जल निकास कार्य सुनियोजित व्यवस्था के तहत हों

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 3 मार्च। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ सिविल सचिवालय में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के गांवों में तालाबों तथा अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था की नियमित और समयबद्ध सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनी रहे और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गांवों के तालाबों से बदबू नहीं आनी चाहिए और घरों में पानी भरने की स्थिति किसी भी हाल में नहीं बननी चाहिए। इसके लिए सफाई, गाद निकासी और जल निकास कार्यों को सुनियोजित एसओपी (SOP) के तहत संचालित किया जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन तालाबों का निर्माण, पुनर्निर्माण अथवा आधुनिकीकरण किया जा रहा है, उन्हें बेहतर प्लानिंग, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक डिजाइन के साथ विकसित किया जाए। तालाबों के आसपास सौंदर्यीकरण कार्य भी कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिले तथा लोग वहां सुबह-शाम भ्रमण कर सकें।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोलर पंपों के माध्यम से पानी की नियमित सफाई और प्रवाह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि यदि किसी गांव में सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी, सरपंच और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने प्रत्येक गांव में पंचायत सचिव की ड्यूटी तालाबों की नियमित निगरानी के लिए निर्धारित करने तथा सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, सुव्यवस्थित और उपयोगी जल संरचनाएं विकसित करना है, ताकि ग्रामीणों को पूर्ण सुविधा मिले और जलभराव, गंदगी तथा दुर्गंध जैसी समस्याओं से स्थाई राहत मिल सके।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के 6,538 तालाबों को कार्ययोजना में शामिल किया गया है, जिनमें से अब तक 2,758 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें 1,718 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 484 कार्य प्रगति पर हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार, विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा, हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष विमल गोस्वामी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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