मेरे लिए सुशासन का अर्थ है पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशन : नायब सिंह सैनी

वर्तमान सरकार ने सेवा भाव के साथ सुशासन के माध्यम से आमजन के जीवन को बनाया सुगम 

समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मिला योजनाओं का लाभ

राज्य सरकार का शिक्षास्वास्थ्यअपशिष्ट प्रबंधनमानव संसाधनबुनियादी ढांचा और सुशासन पर विशेष फोक्स : मुख्यमंत्री

 

चंडीगढ़, 1 जनवरी : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार सेवा भाव के साथ सुशासन के माध्यम से आमजन के जीवन को सुगम बनाने और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पंहुचाने का कार्य कर रही है। उनका विजन हरियाणा को सुशासन के क्षेत्र में देश का उदहारण बनाना है और इस दिशा में सुशासन सहयोगी एक बड़ी जिम्मेदारी निभाने जा रहे है। 

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीच्यूट ऑफ फिस्कल मैनेजमेंट सेक्टर-3 पंचकूला में मुख्यमंत्री सुशासन  सहयोगी 2.0 के अंतर्गत नवनियुक्त सुशासन सहयोगियों की आयोजित पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों को स्टेशन आवंटित किए। सभी सुशासन सहयोगी कल 2 जनवरी से अपने-अपने संबंधित जिलों में कार्यभार संभालेेंगे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डाॅ. साकेत कुमार, उप प्रधान सचिव और सीएमजीजीए कार्यक्रम के परियोजना निदेशक यशपाल सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी राकेश संधु और सभी जिलों के उपायुक्त भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित नवनियुक्त सीएमजीजीएज और सभी जिला उपायुक्तों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेरे लिए सुशासन का अर्थ है- पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशन। उन्होंने कहा कि ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’, यह केवल नारा नहीं है। यह हमारा प्रशासनिक संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें मजबूत ढाँचा बनाना होगा। वह ढांचा बनता है बेसिक चीजों से, अपशिष्ट प्रबंधन, मानव संसाधन और सही गवर्नेस से। 

नायब सिंह  सैनी ने कहा कि सुशासन वास्तव में ’घटित’ तब होता है, जब किसान को, मजदूर को समय पर सरकारी नीतियों का लाभ मिले। वंचित वर्गों को उनके हक मिलें। जब नागरिकों को स्वास्थ्य केंद्र में सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण सेवा मिले और जब बच्चों को विद्यालय में वास्तविक अर्थों में अच्छी शिक्षा मिले। सुशासन का यही अर्थ है कि बनी हुई योजनाओं और नीतियों का धरातल पर असर दिखाई दे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन करने का कार्य किया है। आज लोगों को घर बैठे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और उन्हें अपने कार्यो के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। इसके परिणामस्वरूप लोगों का विश्वास सरकार में मजबूत हुुआ है और यहीं सुशासन की पहचान है। उन्होंने कहा कि हरियाणा क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से एक छोटा राज्य होते हुए भी अनेक क्षेत्रों में देश में अग्रणीय है। यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन कहा है। प्रधानमंत्री के 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को साकार करने में हरियाणा की अहम भूमिका रहेगी।

उन्होंने कहा कि सुशासन सहयोगी उपायुक्तों के सबसे उपयोगी सहयोगी हैं और ये युवा विभिन्न विभागों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि उपायुक्त सुशासन सहयोगियों का प्रदेश के विकास में पूरा सहयोग लें। ये उनके साथ मिलकर प्रशासन की क्षमता बढ़ाने के लिए कार्य करेंगे।

उन्होंने उपायुक्तों और सुशासन सहयोगियों से आह्वान किया कि वे मिलकर राज्य सरकार द्वारा चिन्हित 6 महत्वपूर्ण क्षेत्रों शिक्षा, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, मानव संसाधन, बुनियादी ढांचा और सुशासन की दिशा में कार्य करते हुए विकसित हरियाणा-विकसित भारत के विजन का साकार करने में अमूल्य योगदान दें। उन्होंने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। यह केवल  साफ सफाई का मुद्दा नहीं बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और नागरिकों की गरिमा से जुडा हुआ है।

उन्होंने सुशाासन सहयोगियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार ने हरियाणा के विकास के लिए जन जन के कल्याण के लिए दिन रात काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास सुशासन सहयोगियों के रूप में तीसरा इंजन भी है, जो जमीनी सच्चाई देखते हैं, नागरिकों की वास्तविक समस्याएं सुनते हैं और समाधान की दिशा में प्रशासन को और प्रभावी बनाने में मदद करते हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव और सीएमजीजीए कार्यक्रम के परियोजना निदेशक यशपाल सिंह ने सीएमजीजीए कार्यक्रम के मॉड्यूल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ग्लोबल विलेज फाउंडेशन के निदेशक सुमित कुमार ने सीएमजीजीए कार्यक्रम के बारे में बताते हुए कहा कि नवनियुक्त सीएमजीजीए को प्रशासनिक सुधार, नीति निर्माण सहित विभिन्न विषयों पर 140 घंटो से अधिक का प्रशिक्षण दिया गया है और 68 से ऊपर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए है।

 

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