बैठक में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, यूपी दिल्ली और चंडीगढ़ के इंजीनियर्स और प्रतिनिधि रहे मौजूद
पंचकूला के PWD रेस्ट हाउस में आईबीसी की नॉर्दन जॉन की बैठक आयोजित की गई
बैठक में आईबीसी के चेयरमैन चिन्नमय देबनाथ, हरियाणा के PWD(B&R) के EIC एवं आईबीसी हरियाणा के चेयरमैन अनिल दहिया, हरियाणा के PWD(B&R) के चीफ इंजीनियर एवं आईबीसी हरियाणा के वाइस चेयरमैन योगेश मेहरा और PWD(B&R) के एसई एवं आईबीसी हरियाणा सचिव हरपाल सिंह रहे मौजूद
बैठक में सरकारी और पब्लिक के भवन निर्माण की तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर हुआ मंथन
पंचकूला : इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (आईबीसी) की पंचकूला में शनिवार को नॉर्दन जॉन की एक दिवसीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंजाब, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, यूपी, दिल्ली और चंडीगढ़ के इंजीनियर्स और प्रतिनिधि शामिल हुए। इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (आईबीसी) के चेयरमैन चिन्नमय देबनाथ ने तमाम राज्यों के इंजीनियर्स और प्रतिनिधियों के साथ दिनभर चर्चा की और उनके सुझाव लिए।
इस बैठक में हरियाणा के PWD (B&R) के EIC एवं आईबीसी हरियाणा के चेयरमैन अनिल दहिया, हरियाणा के PWD (B&R) के चीफ इंजीनियर एवं आईबीसी हरियाणा के वाइस चेयरमैन योगेश मेहरा और PWD (B&R) के एसई एवं आईबीसी हरियाणा के सचिव हरपाल सिंह ने हरियाणा की भवन निर्माण की तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी दी। बैठक के बाद आईबीसी के चेयरमैन चिन्नमय देबनाथ ने बताया कि नॉर्दर्न जॉन के राज्यों की बैठक हुई है, जिसमें तमाम राज्यों के इंजीनियर्स और प्रतिनिधियों ने भवन निर्माण की तकनीक पर चर्चा की है और अलग-अलग राज्यों में जो भवन निर्माण की तकनीक है और किस तरीके से बेहतर काम हो सकता है, इस पर चर्चा की गई है।

उन्होंने कहा ग्रीन बिल्डिंग तकनीक को लेकर टेक्निकल सेशन भी इस बैठक में हुआ है। देबनाथ ने कहा इस बैठक में जो सुझाव आएं है, उनको तैयार करके सरकार को रिपोर्ट दी जाएगी। उन्होंने कहा भवन निर्माण में सभी कार्यों किस तरीके से हो हर राज्य इससे जुड़े विभाग इस पर काम कर रहे है और इसको लेकर आज बैठक में व्यापक चर्चा की गई है। देबनाथ ने कहा अलग-अलग राज्यों में भोगौलिक स्थिति भी अलग है, जिनमें मेघालय और हिमाचल जैसे राज्यों के हालात मुताबिक तकनीक इस्तेमाल हो रही है, लेकिन इंफ्रस्ट्रक्चर और क्वालिटी एक रहनी चाहिए। देबनाथ ने बताया कि अलग-अलग राज्यों के इंजीनियर्स की एक ज्वाइंट जॉइंट ट्रेनिंग कार्यक्रम हो, इस पर भी चर्चा की गई है। उन्होंने कहा हरियाणा में इंजीनियर्स ने सही तरीके से तकनीक और क्वालिटी पर भवन निर्माण कर रहे हैं लेकिन हरियाणा भी सीस्मिक जोन 6 में आ गया है इसलिए उसके ध्यान में रखते हुए बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन करने की जरूरत है।
इस बैठक में शामिल रहे हरियाणा के PWD(B&R) के चीफ इंजीनियर एवं आईबीसी हरियाणा के वाइस चेयरमैन योगेश मेहरा ने बताया कि नॉर्दर्न जॉन की आईबीसी बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा पंचकूला सीस्मिक जॉन 4 से 6 में आ गया है इसलिए नई तकनीक से भवन निर्माण कार्य करने की जरूरत है और हाई राइज स्ट्रक्चर जो बनेंगे उसमें नई तकनीक की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा बिल्डिंग कांग्रेस के अध्यक्ष ने चर्चा के दौरान बताया है सभी इंजीनियर्स को भवन निर्माण में बेहतर क्वालिटी के लिए क्वालिटी इंश्योरेंस के साथ मिलकर ट्रेनिंग दिलवाई जाए ताकि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
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