सकारात्मक सहयोग के बजाय विपक्ष ने जनता को भ्रमित किया : रेखा शर्मा

महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने का ऐतिहासिक अवसर कांग्रेस ने गंवाया : रेखा शर्मा

न्यूज़म ब्यूरो

पंचकूला, 20 अप्रैल। पंचकूला स्थित पार्टी कार्यालय में सोमवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में प्रेस वार्ता संबोधित करते हुए राजयसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि यह अधिनियम देश की माताओं, बहनों और बेटियों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के अधिकारों को कभी दया का विषय नहीं माना, बल्कि इसे न्याय का विषय बताया है। यह विधेयक महिलाओं को उनकी निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि वर्षों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व से वंचित रखा गया, जबकि वर्तमान सरकार ने दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित कर देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और समान भागीदारी का राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने आगे कहा कि 33% महिला आरक्षण, जैसा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है, परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद विपक्ष द्वारा इसे अलग करने की भ्रामक कोशिश करना महिलाओं के अधिकारों को अनावश्यक रूप से टालने का प्रयास है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक अवसर आया, तब भी विपक्ष ने सकारात्मक सहयोग के बजाय भ्रम फैलाने की राजनीति को प्राथमिकता दी।

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सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में स्पष्ट रूप से कहा था कि महिलाओं को उनका अधिकार दिया जा रहा है, कोई उपहार नहीं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया था कि इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित होने दें और इसका श्रेय भी लें, लेकिन विपक्ष ने इस सकारात्मक अवसर को ठुकरा कर महिलाओं के अधिकारों को पुनः टालने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज देश की महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, सुरक्षा, खेल, उद्यमिता और राजनीति सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। ऐसे समय में उन्हें निर्णय-निर्माण की सर्वोच्च संस्थाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना समय की मांग भी है और लोकतंत्र की आवश्यकता भी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, रंजीता मेहता, परमजीत कौर, अनुराधा वर्मा, सरु डिमरी सहित तमाम महिलाएं विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में इस अधिनियम का समर्थन करते हुए कहा कि यह महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

इस अवसर पर यह भी बताया गया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में व्यापक जन जागरण अभियान निरंतर चलाया जाएगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी पहुंचे और अधिक से अधिक महिलाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित हों। यह अधिनियम केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।

 

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