महाग्राम योजना में अनियमितताएं पाए जाने पर मंत्री रणबीर गंगवा ने 2 एसडीओ और 1 जेई को किया सस्पेंड

 

सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाना : रणबीर गंगवा

चंडीगढ़ : हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा की अध्यक्षता में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक के दौरान महाग्राम योजना में अनियमितताएं पाए जाने पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने सख्त रुख अपनाते हुए 2 उपमंडल अभियंता (एसडीओ) और 1 कनिष्ठ अभियंता (जेई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा 2 कार्यकारी अभियंता (एक्सईन) को चार्जशीट करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई डबवाली क्षेत्र के गांव गंगा से संबंधित मामले में की गई है, जहां महाग्राम योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों में गुणवत्ता को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार या गुणवत्ता से समझौता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाग्राम योजना सहित सभी योजनाओं में कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए तथा फील्ड स्तर पर निरीक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

बैठक के पश्चात मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार अपने संकल्प पत्र को धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाना है। इसके तहत सरकार 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मानक के अनुसार पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।

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मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने के लिए पानी की सैंपलिंग की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत किया जाए तथा प्राप्त होने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शिकायतों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पानी लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, ऐसे में इसके लिए विशेषतौर पर ध्यान रखा जाए।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि महाग्राम योजना के तहत प्रदेश में अब तक 19 गांवों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 12 गांवों में कार्य शीघ्र पूर्ण होने वाला है। इसके अतिरिक्त 40 गांवों में परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं के अनुरूप आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर पेयजल, सीवरेज एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। 

मंत्री गंगवा ने प्रदेश में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) की स्थिति की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी एसटीपी सुचारू रूप से संचालित हों। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी एसटीपी में तकनीकी या परिचालन संबंधी समस्या की स्थिति में तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने अभी से विभागीय तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था, जल स्रोतों की उपलब्धता और वितरण प्रणाली की समीक्षा की जाए।

बैठक में नए जलघरों के निर्माण की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां आवश्यकता हो, वहां नए जलघर स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। 

बैठक में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बैठक के दौरान विभाग के मुख्य अभियन्ता देवेन्द्र दाहिया सहित विभाग के प्रमुख अभियंता, अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता भी मौजूद थे।

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