विश्वविद्यालयों के पात्र अनुबंधित शिक्षकों ने लंबित जॉब सिक्योरिटी की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा : हुकटा

न्यूज़म ब्यूरो 

रोहतक, 11 जनवरी 2026 : हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन (हुकटा) के प्रतिनिधिमंडल ने आज रोहतक स्थित निवास पर नेता प्रतिपक्ष एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात कर राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में कार्यरत पात्र अनुबंधित शिक्षकों की लंबित जॉब सिक्योरिटी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्होंने स्वयं वर्ष 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र में यह मुद्दा उठाया था और अन्य सत्रों में उनके विधायकों द्वारा भी उठाया जा रहा है और उन्हें भी उम्मीद थी कि सरकार वर्ष 2025 के शीतकालीन सत्र में सेवा-सुरक्षा विधेयक लाकर विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस विषय को पूरी मजबूती से सदन में उठाएंगे तथा हरियाणा सरकार से देरी के कारणों पर सवाल कर शीघ्र से शीघ्र जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। 

हुकटा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक एवं उपाध्यक्ष डॉ शर्मिला यादव ने आग्रह किया कि आगामी बजट सत्र में हरियाणा सरकार से यह प्रश्न लिखित एवं सदन में उठाया जाए कि “हरियाणा विश्वविद्यालय अनुबंधित शिक्षक (सेवा-सुरक्षा) विधेयक” को शीघ्र सदन में प्रस्तुत किया जाए, ताकि कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स एवं अन्य अनुबंधित कर्मचारियों की भांति विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों को भी सेवा-सुरक्षा का कानूनी संरक्षण प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अन्य अनुबंधित कर्मचारियों के मामलों में प्रक्रिया को तेज करने हेतु स्पष्ट समयबद्ध निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों के मामले में अब तक कोई स्पष्ट नीति लागू नहीं की गई है।

हुकटा की उपाध्यक्ष शर्मिला यादव ने कहा कि जब तक जॉब सिक्योरिटी का कानून लागू नहीं होगा, तब तक हजारों अनुबंधित शिक्षकों के ऊपर रोजगार छिनने की तलवार लटकी रहेगी। पहले इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, रेवाड़ी और अब महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में पहले से कार्यरत लगभग 65 पात्र अनुबंधित शिक्षकों को बिना किसी कानूनी सुरक्षा के कार्यमुक्त किए जाने का खतरा बना हुआ है, जबकि कॉलेजों में कार्यरत एक्सटेंशन लेक्चरर्स को सरकार द्वारा जॉब सिक्योरिटी प्रदान की गई है और उन्हें कार्यमुक्त न करने के स्पष्ट निर्देश शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों के लिए अब तक न तो ऐसी कोई नीति जारी हुई है और न ही जॉब सिक्योरिटी मिली है।माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भी समय-समय पर यह स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को लंबे समय तक अस्थायी अथवा कच्चे रूप में रखना न्यायसंगत नहीं है।

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हुकटा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक ने बताया कि इस गंभीर स्थिति से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया में अत्यधिक देरी से अनुबंधित शिक्षक वर्ग मानसिक तनाव और असुरक्षा से गुजर रहा है। इस अवसर पर हुकटा के प्रतिनिधिमंडल में सुमन रंगा, अमित मलिक, सोहनलाल, संदीप कुमार, सुशील सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। 

 

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