न्यूज़म ब्यूरो
पंचकूला : रविवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण ( वीबी जी राम जी ) राज्य स्तरीय सम्मेलन में भीड़ इतनी अधिक रही कि लोगों के बैठने की जगह कम पड़ गई। बेहद दिलचस्प नजारा तब बना, जबकि अग्रिम पंक्ति की वीआईपी सीटों पर बैठे तमाम अधिकारी और अन्य सम्मानित लोग बुजुर्ग श्रमिक महिलाओं और पुरुषों को अपनी कुर्सी देते दिखाई दिए।

हुआ कुछ यूं कि वीबी जी राम जी को लेकर हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने राज्य स्तरीय समारोह रखा, जिसमें शिरकत करने हजारों की संख्या में श्रमिक और दूसरे कामगार पंचकूला पहुंच गए। समारोह में शामिल होने आए लोग ऑडिटोरियम के अंदर जगह न मिलने पर बाहर जमीन पर गार्डन में और आस पास की सड़कों पर बैठे दिखाई दिए।

श्रमिकों की ऑडिटोरियम के बाहर मौजूदगी की जिला प्रशासन की ओर से डीसी सतपाल शर्मा और एडीसी एवं डीआरडीए की सीईओ निशा यादव सूदन और डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने जैसे ही सूचना मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंचवाई, उन्होंने एक पल गंवाए बिना तुरंत बाहर मौजूद सैकड़ों की तादाद में श्रमिक भाई बहनों को अंदर बुलवाने को कहा, सभी महिलाओं और पुरुषों को अंदर बैठाने की व्यवस्था करने को कहा।

इसके बाद बनना शुरू हुआ एक ऐसा नजारा, जो पहले कभी इस ऑडिटोरियम में नहीं बना था। अधिकारियों और सादे तथा बावर्दी पुलिस मुलाजिमों ने सलीके से एक एक करके हर महिला पुरुष को कुर्सियों के आगे बैठाना शुरू कर दिया।

सैकड़ों की तादाद में श्रमिक ऑडिटोरियम की सीढ़ियों समेत कुर्सियों के आगे बैठ गए। जिसे जहां जगह मिली, वहीं जमीन पकड़ ली। वीआईपी और रिजर्व कुर्सियों पर मजदूर ही बैठे दिखे और जब कुर्सियां कम पड़ गईं तो वे जमीन पर ही कतारबद्ध होकर बैठ गए। बुजुर्गों को जमीन पर बैठते देख बहुत से लोगों ने अपनी कुर्सियां छोड़ दीं और खड़े होकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सुनना शुरू कर दिया।

करीब पौन से एक घंटे तक दिखलाई दिए इस दृश्य ने बहुत से लोगों को ये दिखला और सिखला दिया कि खुद से बड़ी उम्र वाले लोगों के लिए कुर्सी छोड़ना और सम्मान प्रदर्शित करना घर परिवार में मिले संस्कारों को भी दर्शाता है, फिर वो चाहे श्रमिक ही क्यों न हो।

अपने संबोधन के दौरान सीएम सैनी भी ये कहते दिखाई दिए कि आप मेरे परिवार के सदस्य हैं और मैं आपके परिवार का हिस्सा हूं। सीएम के मुंह से ये अल्फ़ाज़ क्या निकले, ऑडिटोरियम में मौजूद कई श्रमिकों कामगार महिलाओं पुरुषों की आँखें डबडबा गईं। चेहरा चिंतामुक्त होकर नए विश्वास से लबरेज दिखलाई दे रहा था। होता भी क्यों न, किसी और से नहीं खुद मुख्यमंत्री से उन्हें इतना अपनापन जो मिलता दिख रहा था। ये वो मौका था, जब हरियाणा के नायाब मुख्यमंत्री के समक्ष मजदूरों को वो सम्मान मिला, जो अभूतपूर्व रहा।
Videolink : https://youtube.com/shorts/utORyqftnIA?si=jRBk_G45_ra_tAm1
Videolink : https://youtube.com/shorts/EMej9VwPq9E?si=I40og5RSEpVHi1Vs
Videolink : https://youtube.com/shorts/dsTdOVMsd9A?si=PauIuarPJCVfhHXs
Videolink : https://youtube.com/shorts/uu7r14BC_qo?si=W0JLVr_clabQw6ZF
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।