यूनिवर्सिटी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का रोड मैप है तैयार : डॉ अमित आर्य

राग के सुर व तबले की मधुर थाप से शुरू हुआ महोत्सव का तीसरा दिन

हरियाणा में कला के एक महायज्ञ की शुरुआत है सुपवा : डॉ जगवीर राठी

न्यूज़म ब्यूरो

रोहतक : दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में विश्व के सबसे बड़े थियेटर फेस्टिवल भारत रंग महोत्सव (भारंगम) के साथ यूनिवर्सिटी के अपने महोत्सव ‘सारंग’ का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को इन दोनों महोत्सव का तीसरा दिन रहा। तीसरा दिन थियेटर के साथ सुर, लय, ताल व कविताओं के नाम रहा। ‘सारंग’ महोत्सव के मंच पर कई म्यूजिकल प्रस्तुतियां हुईं। वहीं, शाम को ‘भारंगम’ में नाटक 'उमर का परवाना' का मंचन हुआ। सुबह के सत्र में हरियाणवी कलाकार व एमडी यूनिवर्सिटी पूर्व डायरेक्टर यूथ वेलफेयर डॉ जगबीर राठी, हरियाणा कला परिषद से नरेंद्र शर्मा, समाजसेवी विक्रांत वीर मुख्य रूप से मौजूद रहे। दोपहर के सत्र में अभिनेता पंकज बैरी, अभिनेत्री सुमित्रा हुड्डा (अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की मां), अभिनेता सुनील चितकारा व यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और प्रसिद्ध हरियाणवी गायक मासूम शर्मा उपस्थित रहे। शाम के सत्र में डीजीपी जेल आलोक मित्तल व जींद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर रामपाल सैनी मौजूद रहे। 

 

डीएलसीसुपवा के एफटीवी डिपार्टमेंट के कोर्ट यार्ड में बने ओपन स्टेज पर ‘सारंग’ महोत्सव संबंधित गतिविधियां आयोजित की गई। तीसरा दिन डीएलसीसुपवा के वर्तमान व पूर्व छात्रों के ही नाम रहा। दिन भर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मंच पर दीं। सुबह का सत्र राग के सुर व तबले की मधुर थाप के साथ शुरू हुआ। यूनिवर्सिटी के छात्र अभय सिंह राजपूत ने एक साथ संगीत के कई राग मंच पर प्रस्तुत किए। अनूप व शिवम् ने उनका साथ दिया। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के छात्रों ने गजल प्रस्तुत की। दोपहर बाद वाले सत्र में यूनिवर्सिटी के छात्रों के म्यूजिक बैंड ने समां बांधने का काम किया। बैंड के अलग – अलग गीतों की धुन बजाकर दर्शकों को आनंदित किया। डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन की छात्रा अनुष्का ने क्लासिकल डांस भरतनाट्यम से सभी का मन मोह लिया। जींद से आए कवि अंकित ने ललित के साथ मिलकर ‘पैगाम ए मोहब्बत’ कविता की म्यूजिकल प्रस्तुति दी। यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र अजहरुद्दीन ने शब्दों के सफर के साथ मंच पर पहुंचे। वहीं, पूर्व छात्र मासूम शर्मा ने भी अपने गीतों पर छात्रों को झूमने को मजबूर किया। डॉ जगवीर राठी ने भी अपने चुटकुलों से छात्रों व दर्शकों गुदगुदाने का काम किया। डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य व रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मिनोचा ने अतिथियों का स्वागत कर सम्मानित किया। बुधवार को भी प्रदेश भर में रंगमंच से जुड़े कलाकारों को सम्मानित करने का सिलसिला जारी रहा और मंच से कलाकारों को सम्मान दिया गया।

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हरियाणा में कला के एक महायज्ञ की शुरुआत है सुपवा – डॉ जगवीर राठी

महोत्सव में पहुंचे डॉ जगवीर राठी ने कहा कि डीएलसीसुपवा हरियाणा में कला व संस्कृति के लिए एक महायज्ञ की शुरुआत है। यह संस्थान आने वाले समय में हरियाणा में कला-संस्कृति को नया रूप देने का काम करेगा। इतने कम सालों में ही यह कम बात नहीं है कि हरियाणा में फिल्म का जिक्र होते ही सबसे पहले सुपवा का नाम सामने आता है। इस संस्थान ने फिल्म, टीम, थियेटर, आर्ट, डिजाइन से जुड़े छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं और एक बेहतर माहौल तैयार किया है। ‘सारंग’ उत्सव की तारीफ करते हुए उन्होंने कुलगुरु डॉ अमित आर्य से आग्रह किया कि इसका आयोजन नियमित रखें, ताकि इसका नाम ‘भारंगम’ से भी बड़ा हो सके। उन्होंने कहा कि कलाकार होना सौभाग्य की बात है और उससे भी बड़े सौभाग्य की बात है कि आप सुपवा जैसे संस्थान में पढ़ रहे हैं।

डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने कहा कि हम सुपवा में छात्रों को बेहतर शिक्षा व सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं। यह देखकर खुशी होती है कि छात्रों के साथ संस्थान का नाम अब फिल्म फेस्टिवल, नाट्य उत्सव व अन्य बड़े आयोजनों में सुनाई देता है। सरकार के सहयोग से हम संस्थान को अपनी फील्ड के संस्थानों में टॉप पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए एक पूरा रोड मैप तैयार कर लिया गया है। यूनिवर्सिटी परिसर में पहली बार ‘भारंगम’ का आयोजन और ‘सारंग’ महोत्सव इस कड़ी की शुरुआत मात्र है। आने वाले दिनों में इससे भी बड़े व शानदार आयोजन यहां कराए जाएंगे।

 

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