सीजेआई ने कहा कि उनके अंदर का वकील हमेशा रहा है जीवित

कानूनी विचारधारा को सुदृढ़ करने में बार एसोसिएशन का है योगदान

बार व बैंच आमजन के न्याय प्रणाली में विश्वास को रखें बहाल

भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय के नए भवन का निर्माण जारी

रोहतक बार से है उनका भावनात्मक नाता

रोहतक बार से सीखा अनुशासन व गहन विषयों का ज्ञान

Advertisement

जिला बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया सम्मान समारोह, सीजेआई रहे मुख्यातिथि

 

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़ , 14 फरवरी : देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि रोहतक उनका प्रेरणा स्थल रहा है। रोहतक बार एसोसिएशन का देश में कानूनी विचारधारा को सुदृढ़ करने में योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि बार व बैंच आमजन के न्याय प्रणाली में विश्वास को बहाल रखें। उन्होंने बताया कि भविष्य की आवश्यकताओं को मद्देनजर रखते हुए सरकार व बार इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स स्थापित करने बारे भी विचार करें। देश के सर्वोच्च न्यायालय के नए भवन का तीन चरणों में निर्माण किया जा रहा है, जिसके उपरांत आगामी 50 वर्षों तक यह न्यायालय परिसर पर्याप्त होगा।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत आज रोहतक के न्यायिक परिसर में जिला बार एसोसिएशन द्वारा देश के मुख्य न्यायाधीश के सम्मान में आयोजित सम्मान समारोह समारोह में बतौर मुख्यातिथि न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

इससे पूर्व उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि भारतीय प्राचीन परम्परा अतिथि देवो भव: के अनुसार अतिथि को ईश्वर के रूप में माना जाता है। उन्होंने कहा कि उनके अंदर का वकील हमेशा जीवित रहा है, चाहे वे किसी भी पद पर आसीन रहे हो। रोहतक बार के साथ उनका भावनात्मक रूप से गहरा नाता है तथा वे इस दौरा कार्यक्रम को लेकर उत्सुक थे। रोहतक बार हमेशा उनके कंधे से कंधा मिलाकर चलती रही है।

 

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में दो महत्वपूर्ण क्षेत्र कर्म क्षेत्र व प्रेरणा क्षेत्र होते है। रोहतक से उन्होंने कानून की पढ़ाई की तथा यहां से प्रेरणा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि रोहतक बार से उन्होंने अनुशासन एवं गहन विषयों की जानकारी हासिल की तथा बार में उन्हें हमेशा अपार प्यार व स्नेह दिया है। उनके शपथ ग्रहण समारोह का रोहतक बार ने लाइव टेलीकास्ट किया तथा उनके जन्मदिन के अवसर पर रोहतक बार में केक काटकर उनका जन्मदिन मनाया गया। वे रोहतक बार से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए है। उन्होंने कहा कि बार में भारतीय न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने में भी योगदान दिया है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के नए भवन का तीन चरणों में निर्माण जारी है। इस नए भवन में 34 नए कोर्ट रूम बनाये जा रहे है, जो आगामी 50 वर्ष की व्यवस्था के लिए पर्याप्त होंगे। गत दिनों उन्होंने उत्तर प्रदेश में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्पलेक्स का उद्घाटन करने का अवसर मिला, जहां पर भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह कॉम्पलेक्स तैयार किया गया है। उन्होंने सरकार व जिला बार एसोसिएशन से कहा कि वे भी ऐसे कॉम्पलेक्स के बारे में विचार करें। उन्होंने बार एसोसिएशन की ओर से रखी मांग के संदर्भ में कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन रोहतक बार की समस्या का कानून मर्यादा का पालन करते हुए समाधान करवाये। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू ने बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानित किया।

 

देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का पगड़ी पहनाकर किया गया मान-सम्मान  

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया ने देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को मान-सम्मान का प्रतीक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को स्मृति चिन्ह भेंट किया। जिला एवं सत्र डिवीजन के प्रशासनिक न्यायाधीश विकास सूरी ने मुख्य न्यायाधीश को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को जिला प्रशासन की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया। वकीलों द्वारा मुख्य न्यायाधीश को भेंट किये गए उनके चित्र पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हस्ताक्षर किए, जिसे बार रूम में रखा जायेगा।

जिला बार एसोसिएशन रोहतक द्वारा पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। जिला बार एसोसिएशन की ओर से हरियाणा के सहकारिता, निर्वाचन, कारागार, पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा को स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। बार एसोसिएशन द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी तथा रोहतक जिला व सत्र डिवीजन के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति विकास सूरी को भी स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

 

सम्मान समारोह में यह रहे उपस्थित :

इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा सम्मान समारोह के विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति शील नागू, बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी तथा रोहतक जिला व सत्र डिविजन के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति विकास सूरी, हरियाणा के सहकारिता, निर्वाचन, कारागार, पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ, न्यायमूर्ति राजेश भारद्वाज, न्यायमूर्ति हरकेश, न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी, न्यायमूर्ति नमित कुमार, न्यायमूर्ति दीपक मनचंदा, न्यायमूर्ति नीरजा कुलवंत कलसन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया, उपायुक्त सचिन गुप्ता, नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया, पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य व पूर्व प्रधान डॉ. विजेंद्र अहलावत सहित अन्य न्यायाधीश व न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता मौजूद रहे।

 

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Tap to Refresh