मनुष्य की पहचान जाति-जन्म से नहीं, उसके कर्म-चरित्र व सेवा भाव से होती है : कल्याण

संत रविदास के संदेशों से समाज को मिल रही समरसता की प्रेरणा- हरविन्द्र कल्याण

काशी से निकली 650 वीं जयंती की कलश वंदन यात्रा पहुंची कम्बोपुरा गांव, संत श्री रविदास मंदिर में भव्य स्वागत 

संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज का जीवन मानवता, समानता, सामाजिक समरसता और निष्काम सेवा का है प्रेरणा-स्रोत : हरविन्द्र कल्याण

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 9 अगस्त। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं पावन जयंती के उपलक्ष्य में काशी स्थित श्री गुरु रविदास जन्मस्थल, सीर गोवर्धनपुर से प्रारंभ हुई पवित्र कलश वंदन यात्रा रविवार को घरौंडा विधानसभा के गांव कम्बोपुरा पहुंची। संत श्री रविदास मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभाध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया।

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इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज का जीवन मानवता, समानता, सामाजिक समरसता और निष्काम सेवा का प्रेरणा-स्रोत है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने विचारों और कार्यों से यह सिद्ध किया कि मनुष्य की पहचान जाति या जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म, चरित्र और सेवा भाव से होती है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

उन्होंने कहा कि कलश वंदन यात्रा सामाजिक एकता, राष्ट्रीय भावना व समरस समाज के निर्माण का मजबूत संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी महाराज ने समाज को समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं हर वर्ग के लिए प्रेरणादायी हैं। उनकी विचारधारा सेवा, सद्भाव और आपसी सहयोग के मार्ग पर चलने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी महाराज का जीवन त्याग, तपस्या और मानव कल्याण का प्रतीक है। उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना सभी का दायित्व है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संत महापुरुष किसी एक विशेष जाति के नहीं होते, वे समूची मानवता की भलाई के लिए कार्य करते है। हमें उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करके एक काबिल व्यक्ति बनने के साथ-साथ एक अच्छे इंसान भी बने जिससे समाज मजबूत बने और हर वर्ग के व्यक्ति को बिना भेदभाव के आगे बढ़ने के अवसर मिले।

इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की तरक्की और खुशहाली के साथ-साथ संस्कृति को मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने आह्वान किया कि छोटी-छोटी कमियों को दूर किया जाए ताकि समाज में भेदभाव की भावना को मिटाया जा सके और समाज को आगे बढ़ाने के लिए संगठित होकर कार्य करे।

इस कार्यक्रम में चेयरमैन भारत भूषण जुयाल, पूर्व चेयरपर्सन निर्मल बैरागी व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

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