‘हुड्डा साहब को अपने समय की याद नहीं’, बोले अनिल विज- ‘हमें विधानसभा के बाहर तक निकाल देते थे’
न्यूज़म ब्यूरो
चण्डीगढ, 31 अगस्त। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आज नेता प्रतिपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ‘‘हुडडा साहब कुछ दिनों से देख रहा हूं, पहले आप शांत रहते थे, अब आपमें ज्वाला भडकती रहती है इसलिए आप बात सुन नहीं पाते।’’ विज आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र के दौरान बोल रहे थे।
उन्होंने एक अन्य अन्य मुददे पर कहा कि मुझे लगता है कि हुडडा साहब को मेमोरी लोस हो गया है इनको अपने समय का याद नहीं आ रहा है कि गेट कहां तक था, ये हमें बाहर के गेट से भी बाहर निकाल देते थे और पानी भी पीने नहीं देते थे। बाहर जाकर सचिवालय के सामने जाकर हमें बैठना पडता था। विज ने कहा कि ‘‘मैं गवाह हूं, मेरा विटनेस रिकार्ड कर लो, मैं विधानसभा में शपथ लेकर सच कहता हूं, कि ये हमें निकालकर बाहर ले जाते थे’’।
उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ‘‘मेरे मन में आ रहा है कि उस पुलिस वाले के साथ इंसाफ कैसे होगा जिसको इन्होंने कोनी मारी।’’

गुरुग्राम-नूंह में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस का हरियाणा सरकार ने किया विरोध : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के खिलाफ सरकार, जरूरत पड़ी तो उच्चतर अदालतों का रुख करेगी: अनिल विज
एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट को पब्लिक कर दिया जाए ताकि संबंधित हितधारक भी इस बारे में अपनी राय रख सकें : विज
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आज राज्य के गुरूग्राम-नूंह में बिजली वितरण को लेकर देने वाले सामानंतर लाईसेंस के संबंध में स्पष्ट किया कि सामानतंर लाईसेंस को लेकर राज्य सरकार ने पहले भी विरोध किया है और अब एक्सपर्ट कमेटी रिपोर्ट आ गई है, और हम अब भी विरोध कर रहे हैं और विरोध करेंगें। विज ने यह भी कहा कि इस मामले में यदि उच्चतर अदालतों/कोर्टों में जाना पडेगा तो हम/सरकार वहां भी जाएगी।
विज आज यहां बिजली विभाग से संबंधित लगाए गए एक प्रश्न के संबंध में उठाए गए सामानतंर बिजली वितरण लाईसेंस मुददे पर सरकार का रूख स्पष्ट कर रहे थे।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हरियाणा बिजली नियामक आयोग केन्द्र सरकार के कानून के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था है। यह आयोग बिजली वितरण के संबंध में लाईसेंस दे सकता है। आयोग ने इस संबंध में राज्य सरकार से उत्तर मांगा तो मैंने और मेरे पूरे स्टाफ ने हर बिंदु पर विरोध किया है। विज ने यह भी बताया कि इस बारे में एक ओपन इयरिंग भी रखी गई थी जिसमें विभिन्न हितधारक शामिल हुए और सरकार ने भी अपना रूख व्यक्त करते हुए सामानांतर लाईसेंस देने का विरोध किया। इसके बाद, आयोग ने एक तीन सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया और कमेटी ने यह सिफारिश की कि बिजली वितरण किया जा सकता है।
विज ने कहा कि एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट आने पर सरकार/हमने उसके प्रत्येक बिन्दू पर विरोध किया है और सरकार ने अपना जवाब भेजा है। उन्होंने बताया कि आगामी 3 सितंबर को इस मामले में की सुनवाई होनी है इसलिए वे चाहते हैं कि इस एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट को पब्लिक कर दिया जाए ताकि संबंधित हितधारक भी इस बारे में अपनी राय रख सकें।
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