Haryana HIV Control को लेकर राज्य ने 2026 में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है
जनवरी में एचआईवी निदान कवरेज 85.2 प्रतिशत थी, जो अब 93.2 प्रतिशत हो गई है
न्यूज़म ब्यूरो
हरियाणा, 11 सितंबर | हरियाणा में एचआईवी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच, उपचार और मरीजों की निगरानी तेज की है। निदान कवरेज 93.2 प्रतिशत और उपचार कवरेज 90.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वायरल दबाव नियंत्रण 95.8 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पांच जिलों ने प्रमुख परिचालन लक्ष्य हासिल किए हैं। राज्य सरकार संवेदनशील समूहों, युवाओं और कठिन पहुंच वाले इलाकों तक जागरूकता अभियान पहुंचा रही है। 15 सितंबर से सभी जिलों में लोक मीडिया अभियान शुरू होगा। स्कूलों में रेड रिबन क्विज और किशोर शिक्षा कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
Haryana HIV Control में कवरेज बढ़ी
हरियाणा ने एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम में अपनी स्थिति में सुधार किया है। राज्य अब राष्ट्रीय 95-95-95 लक्ष्यों के करीब पहुंच रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने राज्य में चल रहे विभिन्न प्रयासों की समीक्षा की।
जनवरी 2026 में निदान कवरेज 85.2 प्रतिशत थी। अब यह बढ़कर 93.2 प्रतिशत हो गई है।
उपचार कवरेज भी 83.7 प्रतिशत से बढ़कर 90.9 प्रतिशत पहुंच गई है। वायरल दबाव नियंत्रण का स्तर 95.8 प्रतिशत दर्ज हुआ है।
पांच जिलों ने हासिल किए प्रमुख लक्ष्य
कुरुक्षेत्र, कैथल, भिवानी, पंचकूला और यमुनानगर ने प्रमुख लक्ष्य हासिल किए हैं।
इन जिलों में निदान, उपचार और वायरल दबाव नियंत्रण से जुड़े लक्ष्य पूरे किए गए हैं।
अंबाला, जींद, पलवल, फरीदाबाद, रेवाड़ी और सोनीपत ने भी उपचार क्षेत्र में प्रगति की है।
ये जिले निर्धारित लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मरीजों की निगरानी पर जोर
स्वास्थ्य विभाग ने इलाज छोड़ चुके मरीजों की पहचान के लिए विशेष रणनीति अपनाई है।
फॉलो-अप से बाहर हुए करीब आधे लोगों को स्वास्थ्य व्यवस्था से दोबारा जोड़ा गया है।
इससे जरूरतमंद मरीजों के उपचार की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिली है।
राज्य में परामर्श और जांच केंद्रों का नेटवर्क भी मजबूत किया गया है। उपचार केंद्रों पर मुफ्त जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध है।
संवेदनशील समूहों तक पहुंच
स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील और कठिन पहुंच वाले समूहों पर विशेष ध्यान दिया है।
प्रवासी मजदूरों, ट्रक चालकों और महिला यौनकर्मियों के लिए लक्षित कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
इंजेक्शन से नशीले पदार्थ लेने वालों और ट्रांसजेंडर समुदाय तक भी पहुंच बनाई जा रही है।
जेलों और उपचार केंद्रों में नियमित एचआईवी जांच की व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
जागरूकता अभियान को मिलेगी गति
हरियाणा में एचआईवी रोकथाम के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
रेलवे स्टेशनों और व्यस्त सड़कों पर एलईडी स्क्रीन से संदेश दिखाए जा रहे हैं।
सिनेमाघरों और दूरदर्शन के माध्यम से भी जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
रेडियो, एफएम चैनलों और बस स्टेशनों पर ऑडियो संदेश चलाए जा रहे हैं।
15 सितंबर से सभी जिलों में लोक मीडिया अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें पारंपरिक कला के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी।
युवाओं पर विशेष ध्यान
युवाओं को अभियान से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पंचकूला में बाइक रैली और वॉकथॉन जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। प्रमुख स्थानों पर फ्लैश मॉब भी आयोजित किए जा रहे हैं।
स्कूलों में रेड रिबन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। जिला स्तर पर रेड रन कार्यक्रम भी होंगे।
कक्षा आठवीं, नौवीं और ग्यारहवीं के छात्रों के लिए किशोर शिक्षा कार्यक्रम लागू है।
इसमें एचआईवी, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जानकारी दी जा रही है।
2030 के लक्ष्य पर नजर
हरियाणा वर्ष 2030 के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप काम कर रहा है।
इनमें नए एचआईवी संक्रमण, एड्स से होने वाली मौतों और भेदभाव को खत्म करना शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं की जांच बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। इसका उद्देश्य मां से बच्चे में संक्रमण को रोकना है।
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