Haryana जेलों में Seva Sankalp Abhiyan का आयोजन

Seva Sankalp Abhiyan Organized – Dr. Arvind Sharma Seva Sankalp Abhiyan Organized – Dr. Arvind Sharma

हरियाणा की जेलों में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक Seva Sankalp Abhiyan चलाया जाएगा

कारागार मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने अभियान को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं

न्यूज़म ब्यूरो

हरियाणा, 11 सितंबर | हरियाणा की जेलों में Seva Sankalp Abhiyan के तहत एक महीने तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में पौधारोपण, रक्तदान, योग, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा बंदियों को शिक्षा, कौशल और सुधार से जुड़ी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। जेलों में पढ़ाई कर रहे युवा बंदियों से विशेष संवाद भी किया जाएगा। इस दौरान उनके विचार और सुझाव लिए जाएंगे। कारागार मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने सभी जेल अधिकारियों को जेलवार कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के जरिए बंदियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और समाज की मुख्यधारा में वापसी के लिए तैयार करने पर ध्यान रहेगा।

Seva Sankalp Abhiyan 17 सितंबर से शुरू

हरियाणा की जेलों में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक Seva Sankalp Abhiyan चलाया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित होगा।

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कारागार मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसमें अधिक से अधिक बंदियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

जेलों में पूरे एक महीने तक अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके लिए प्रत्येक जेल में पहले से कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।

सेवा और सुधार से जुड़ी गतिविधियां

अभियान के दौरान जेलों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ रक्तदान शिविर और योग गतिविधियां भी होंगी।

स्वास्थ्य और आध्यात्मिक गतिविधियों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। शिक्षा और सुधार से जुड़ी गतिविधियों पर विशेष ध्यान रहेगा।

डॉ. शर्मा ने कहा कि इन गतिविधियों का उद्देश्य बंदियों में सेवा की भावना विकसित करना है। पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी।

जेल अधिकारियों को दिए निर्देश

कारागार मंत्री ने सभी जेल अधिकारियों को जेलवार कार्यक्रम तैयार करने को कहा है। उन्होंने गतिविधियों की रूपरेखा पहले से तय करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पूरे महीने लगातार गतिविधियां आयोजित करने की योजना बनाई जाए।

जेलों में उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखकर कार्यक्रम तैयार होंगे। बंदियों की भागीदारी के अनुसार गतिविधियों का स्वरूप तय किया जाएगा।

युवा बंदियों से होगा विशेष संवाद

अभियान के दौरान जेलों में पढ़ाई कर रहे युवा बंदियों से संवाद किया जाएगा। उन्हें अपनी बात रखने का अवसर भी दिया जाएगा।

संवाद में सेवा, शिक्षा और भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। कौशल विकास और समाज की मुख्यधारा में वापसी पर भी बातचीत होगी।

अधिकारियों को युवा बंदियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा और सुधार पर रहेगा जोर

हरियाणा की जेलों में शिक्षा और सुधार से जुड़े कार्यक्रम पहले से चल रहे हैं। अभियान के दौरान इन गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाई जाएगी।

बंदियों को विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा और मुक्त विद्यालयी शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम भी चल रहे हैं।

साक्षरता से संबंधित गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य बंदियों के भविष्य के लिए नए अवसर तैयार करना है।

समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य जेलों में बेहतर वातावरण तैयार करना है। बंदियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाएगी। आध्यात्मिक गतिविधियों के जरिए भी उन्हें जोड़ने का प्रयास होगा।

सरकार का जोर बंदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए तैयार करने पर रहेगा।

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