मुख्य सचिव रस्तोगी ने की पंचगांव मेट्रो कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की समीक्षा
35.25 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में होंग 28 स्टेशन
गुरुग्राम के प्रमुख आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 11 सितंबर। हरियाणा सरकार गुरुग्राम में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और यातायात दबाव को देखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक मजबूत, एकीकृत और सुगम सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क विकसित करने की दिशा में बढ़ रही है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज सेक्टर-56–पंचगांव प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को निर्देश दिए कि संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को निर्धारित समय-सीमा में अंतिम रूप दिया जाए, ताकि परियोजना को स्वीकृति एवं क्रियान्वयन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
प्रस्तावित 35.25 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर में 28 स्टेशन होंगे। यह कॉरिडोर गुरुग्राम के तेजी से विकसित हो रहे आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं शहरी क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा तथा गुरुग्राम–मानेसर–पंचगांव क्षेत्र में निर्बाध सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रस्तावित मार्ग सेक्टर-56, 61, 65, 66, 50 और 49 से होते हुए खेड़की दौला, ग्लोबल सिटी, न्यू गुरुग्राम के सेक्टर-84, 86 एवं 90, आईएमटी मानेसर होते हुए पंचगांव तक जाएगा। इससे इन क्षेत्रों में बढ़ती यातायात एवं सार्वजनिक परिवहन की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
परियोजना को मौजूदा एवं प्रस्तावित परिवहन प्रणालियों के साथ बेहतर ढंग से एकीकृत करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को रैपिड मेट्रो, आरआरटीएस, एचओआरसी तथा भविष्य में विकसित होने वाले अन्य रेल-आधारित परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, ताकि गुरुग्राम महानगरीय क्षेत्र में मल्टीमॉडल पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और मजबूत किया जा सके।
यह परियोजना मीडियम कैपेसिटी मेट्रो रेल प्रणाली पर आधारित होगी, जिसकी डिजाइन गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा प्रस्तावित है। संचालन की दक्षता एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीबीटीसी सिग्नलिंग प्रणाली अपनाने का प्रावधान है।
रस्तोगी ने कहा कि मेट्रो परियोजना की योजना केवल वर्तमान यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि अगले 15 से 20 वर्षों में गुरुग्राम क्षेत्र में होने वाले शहरीकरण, जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों के बीच प्रभावी एकीकरण भविष्य की शहरी परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण नियोजन संबंधी मुद्दों का समाधान डीपीआर के स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि बाद के चरण में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, विभाग के निदेशक जे. गणेशन, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक-सह-हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक मुकुल कुमार सहित संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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