सांसद कार्तिकेय शर्मा ने चौथी नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2025 के विजेताओं को ट्रॉफी व मेडल से किया सम्मानित

पंचकूला, 16 नवंबर। पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में चौथी नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2025 का आयोजन किया गया। आयोजन में क्लोजिंग सेरेमनी में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद कार्तिकेय शर्मा पहुंचे। यह कार्यक्रम हरियाणा टेबल टेनिस असोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया था। इस दौरान सांसद कार्तिकेय शर्मा ने महिला और पुरुष वर्ग के फाइनल मैच देखे और विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और कैश प्राइज से भी सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने भी टेबल टेनिस पर अपने हाथ आज़माए और खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाया।
पंचकूला, 16 नवंबर। पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में चौथी नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2025 का आयोजन किया गया। आयोजन में क्लोजिंग सेरेमनी में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद कार्तिकेय शर्मा पहुंचे। यह कार्यक्रम हरियाणा टेबल टेनिस असोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया था। इस दौरान सांसद कार्तिकेय शर्मा ने महिला और पुरुष वर्ग के फाइनल मैच देखे और विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और कैश प्राइज से भी सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने भी टेबल टेनिस पर अपने हाथ आज़माए और खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाया।
 
सांसद कार्तिकेय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि चौथी नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप के इस भव्य आयोजन में उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत गर्व और आनंद का विषय है और यह गर्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह प्रतियोगिता हरियाणा की खेल-धरा, पंचकूला में आयोजित हो रही है। उन्होंने हरियाणा टेबल टेनिस एसोसिएशन तथा टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया को इस उत्तम और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी।
 
उन्होंने कहा अंडर-11 के नन्हें प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से लेकर वरिष्ठ अनुभवी खिलाड़ियों तक यह चैंपियनशिप भारत की उभरती खेल शक्ति का जीवंत उत्सव है। टेबल टेनिस गति, सूझ-बूझ और चपलता का अनोखा संगम है। 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से आती गेंद को संभालना पल भर में निर्णय लेने की कला मांगता है। यह खेल केवल कौशल नहीं, बल्कि वर्षों की साधना, अनुशासन और धैर्य की कठोर परीक्षा है।
 
सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा की 2018 में मनिका बत्रा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला सिंगल्स में स्वर्ण जीत कर भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा। भारत के टेबल टेनिस के स्तंभ-अचूक धैर्य और दृढ़ता के प्रतीक-शरत कमल का योगदान अविस्मरणीय है। यही जज़्बा आज यहां मौजूद हर खिलाड़ी अपने भीतर लेकर आया है। जीत भले आज न मिले पर अनुभव अवश्य मिलेगा। साथ ही, उन मौन सहयोगियों- माता-पिता, प्रशिक्षकों और अधिकारियों का भी विशेष आभार, जिनकी मेहनत खिलाड़ियों के प्रदर्शन में झलकती है।
 
 

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