शिरोमणी अकाली दल ने पंजाब के गर्वनर से मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की अपील की

सरदार सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले शहीद परविंदर सिंह झोटा के परिवार को दो करोड़ रूपये का मुआवजा देने और उनकी पत्नी को क्लास वन नौकरी देने का आग्रह किया

मुख्यमंत्री स्पष्टीकरण दें कि एक शिक्षक का पुत्र 10 लाख रूपये का महिला का पर्स और 1 करोड़ रूपये का विलासिता का सामान पेरिस से कैसे खरीद कर ला सकता?

राहुल गुप्ता

चंडीगढ़/23अक्टूबरः शिरोमणी अकाली दल ने आज पंजाब के गर्वनर गुलाब चंद कटारिया से मुख्यमंत्री भगवंत मान को बर्खास्त करने की अपील की और साथ ही नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले शहीद परविंदर सिंह झोटा के परिवार को 2 करोड़ रूपये का मुआवजा देने और उनकी पत्नी को क्लास वन नौकरी देने का आग्रह किया है।

अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने ड्रग व्यापार को संरक्षण देने और अपराधियों को हथियार लाइसंस जारी करने के आरोपी सभी मंत्रियों, विधायकों और नागरिक एवं पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि परविंदर झोटा के कत्ल में चल रही सीबीआई जांच का दायरा बढ़ाकर तूर बंजारा (दिड़बा) के गुलजार सिंह का मामलों को भी कवर किया जाए, जिन्होने अपनी मौत से पहले वित्तमंत्री हरपाल चीमा का नाम लिया था और श्री हरगोबिंदरपुर साहिब के बिक्रमजीत सिंह का मामला जिनकी ड्रग माफिया का विरोध करने पर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

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राज्यपाल को जानकारी देते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि जब राज्य नशे की समस्या से जूझ रहा है ऐसे समय में पंजाबियों में विश्वास पैदा करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाया जाना चाहिए। उन्होने इस बात पर भी जोर दिया कि नशा विरोधी कार्यकर्ता का परिवार पंजाब का परिवार है और भले ही परविंदर झोटा के पिता ने कोई व्यक्तिगत लाभ नही मांगा, लेकिन राज्य को उनके परिवार की देखभाल करनी चाहिए। उन्होने कहा कि परविंदर झोटा की पत्नी एक शिक्षिका है और उन्हें एक प्रथम श्रेणी की नौकरी दी जानी चाहिए।

यह कहते हुए कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव परविंदर झोटा की हत्या के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होने झोटा के पिता भीम सिंह के बयान का हवाला दिया कि कैसे उनका बेटा पंजाब में ड्रग्ज के कारोबार के पीछे राजनेता-पुलिस सांठगांठ का शिकार हो गया। उन्होने कहा कि भीम सिंह ने जोर देकर कहा कि इस गठजोड़ को मुख्यमंत्री भगवंत सहित शीर्ष स्तर से संरक्षण मिल रहा है। उन्होने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाइ लड़ने वाले झोटा के पिता ने कहा था कि उनके बेटे ने उन्हें बताया था कि उनके खिलाफ झूठे मामलों के पीछे राज्य के डीजीपी का हाथ था। सरदार बादल ने राज्यपाल से कहा,‘‘ चूंकि ये दोनों शीर्ष अधिकारी जनता और राज्य के प्रति अपना फर्ज निभाने में विफल रहे हैं, इसीलिए उन्हें तुरंत बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।’’

ज्ञापन में कहा गया कि ऐसा करके पंजाबियों को स्पष्ट संदेश जाएगा कि अब बहुत हो गया । ‘‘ पंजाब और पंजाबियों ने महसूस कर लिया है कि नशे का खतरा और इसके अपराधी इनका बचाव करने वाले राज्य के सबसे बड़े दुश्मन हैं और उनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।’’

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने जमानत देने से इंकार करने और उनकी पूरी संपत्ति जब्त करने का आदेश देने वाला नया कानून लागू न करना ही इस बात का पर्याप्त सबूत है कि उनकी उनके साथ मिलीभगत है। उन्होने कहा कि देश भर में नार्को-काॅआर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की 48 मीटिंगें होने के बावजूद भगवंत मान इस सेंटर की किसी भी मीटिंग में शामिल होने में विफल रहे हैं। उन्होने कहा,‘‘ यह नशे की समस्या से निपटने में घोर लापरवाही दर्शाता है।’’ उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री ने परविंदर झोटा की हत्या के बाद राज्य की स्थिति से निपटने के बजाय अपनी पत्नी का जन्मदिन मनाने के लिए पेरिस जाने का फैसला किया।

सरदार बादल ने भगवंत मान की विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का आहवाहन करते हुए कहा कि वह ऐसी यात्राओं का इस्तेमाल फिजुलखर्ची और मनी लाॅन्ड्रिंग के लिए करते हैं। उन्होने बताया कि पेरिस की अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री एक करोड़ रूपये का विलासिता का सामना लेकर वापिस लौटे हैं, जिनमें दस लाख रूपये का एक महिला बैग भी शामिल है। उन्होने पूछा,‘‘ उन्हें पंजाबियों को बताना चाहिए कि एक शिक्षक का बेटा इस तरह की फिजुलखर्ची कैसे कर सकता है?

शिरोमणी अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल में बलविंदर सिंह भूंदड़, डाॅ. दलजीत सिंह चीमा और परमबंस सिंह रोमाणा भी शामिल थे।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल क्षेत्रीय पार्टी है और राज्य उसकी पहली प्राथमिकता है। उन्होने कहा,‘‘ हम सता में आएं यां न आएं, हम पंजाब के लिए हमेशा संघर्ष करना जारी रखेंगें।’’ उन्होने साफ किया कि अकाली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को अपना दुश्मन मानती है और कोई भी अन्य पार्टी जो हमारी पार्टी की विचारधारा और सिंद्धांतों का सम्मान करे हम उसके साथ गठबंधन करने के लिए तैयार हैं।

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