हार्दिक व अमन के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग दे सरकार : दीपेन्द्र हुड्डा

चंडीगढ़, 26 नवंबर। हरियाणा के लोकसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा आज गाँव लाखनमाजरा के मिनी स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रहे राष्ट्रीय खिलाड़ी हार्दिक के घर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित कर दर्दनाक हादसे में जान जाने पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए परिवारजनों से मिलकर ढाँढ़स बँधाया। उन्होंने कहा कि दर्दनाक हादसे में प्रदेश के दो होनहार युवा खिलाड़ियों हार्दिक और अमन की मौत पूरी तरह से सरकार और सिस्टम की लापरवाही और बेरुखी के चलते हुई है। 
• मेरे द्वारा दी गई साढ़े 18 लाख रुपये की ग्रांट का यदि इस्तेमाल होता तो हार्दिक की मौत नहीं होती : दीपेन्द्र हुड्डा 
 
• सांसद निधि न लगाने की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे सरकार :  दीपेन्द्र हुड्डा 
 
• दो होनहार खिलाड़ियों हार्दिक व अमन की मौत पूरी तरह से सरकार व सिस्टम की लापरवाही व बेरुखी के चलते हुई : दीपेन्द्र हुड्डा
 
• खेल व खिलाड़ियों के प्रति न केवल सरकार की नीति खराब है अपितु नीयत भी खराब है :  दीपेन्द्र हुड्डा 
 
• कांग्रेस सरकार में 481 खेल स्टेडियम बने, बीजेपी ने 11 साल में नया बनवाना तो दूर कहीं रखरखाव तक नहीं किया :  दीपेन्द्र हुड्डा 
 
• सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने गाँव लाखनमाजरा में हार्दिक के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारजनों से मिलकर ढाँढ़स बँधाया
 
 
 
चंडीगढ़, 26 नवंबर। हरियाणा के लोकसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा आज गाँव लाखनमाजरा के मिनी स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रहे राष्ट्रीय खिलाड़ी हार्दिक के घर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित कर दर्दनाक हादसे में जान जाने पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए परिवारजनों से मिलकर ढाँढ़स बँधाया। उन्होंने कहा कि दर्दनाक हादसे में प्रदेश के दो होनहार युवा खिलाड़ियों हार्दिक और अमन की मौत पूरी तरह से सरकार और सिस्टम की लापरवाही और बेरुखी के चलते हुई है। 
 
हुड्डा ने कहा कि सरकार की ये लापरवाही और बेरुखी अपराध की श्रेणी में आता है। इस घटना ने हमारी आत्मा को झिंझोड़कर रख दिया है क्योंकि सरकार की घोर लापरवाही के कारण देश ने बास्केटबॉल टीम में चयनित एक होनहार खिलाड़ी हार्दिक व अमन को खो दिया। मेरे द्वारा दी गई साढ़े 18 लाख रुपये की ग्रांट का यदि इस्तेमाल होता तो हार्दिक की मौत नहीं होती। बीजेपी सरकार ने पिछले 11 साल में लाखनमाजरा स्टेडियम समेत प्रदेश के किसी स्टेडियम के लिये कोई ग्रांट नहीं दी न ही मेरे द्वारा सांसद निधि से दिये गये साढ़े 18 लाख रुपये की ग्रांट लगने दी। खेल व खिलाड़ियों के प्रति न केवल सरकार की नीति खराब है अपितु नीयत भी खराब है। 
 
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि हार्दिक व अमन के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग दिया जाए। साथ ही, सरकार सांसद निधि न लगाने की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। इस दौरान सांसद वरुण मुलाना, पूर्व मंत्री आनंद सिंह दाँगी, विधायक इंदुराज नरवाल मौजूद रहे। 
 
उन्होंने बताया कि 2023 में लाखनमाजरा स्टेडियम की मरम्मत व रखरखाव के लिये कुल साढ़े 18 लाख रुपये अपनी सांसद निधि से दिया था, उसे भी सरकार और प्रशासन ने नहीं लगाया और सरकारी तंत्र उनकी सारी ग्रांट को फाईलों में अटकाकर घुमाता रहा। पैसा लगाना तो दूर की बात किसी ने यह भी नहीं देखा कि पोल जंग ने खा लिया है। 
 
गांव के लोगों ने जब इस स्टेडियम की खराब हालत को उनके सामने रखा तो उन्होंने नवंबर 2023 में 12 लाख 30 हजार रुपये और फिर जून 2025 में 6 लाख 20 हजार सांसद निधि से दिये। कुल साढ़े 18 लाख रुपये की ग्रांट देने के बाद भी इस पैसे को सरकार ने नहीं लगाया। खिलाड़ी मुख्यमंत्री जी से भी मिले लेकिन कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई। 
 
उन्होंने कहा कि ये हादसा केवल खिलाड़ियों और बुनियादी खेल सुविधाओं के प्रति मौजूदा सरकार की बेरुखी और लापरवाही का जीता जागता सबूत है, क्योंकि सरकार की लापरवाही और बेरुखी के चलते हमने अपने देश का हीरा खो दिया है। बीजेपी सरकार ने पिछले 11 साल में एक भी नया खेल स्टेडियम नहीं बनाया। जबकि कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा में ग्रामीण, ब्लॉक स्तर पर 481 स्टेडियम बने, खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ। 
 
जिला मुख्यालय स्तर पर भी बड़े-बड़े खेल स्टेडियम बने। हमने खेल व खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिये ग्रामीण अंचलों में खेल स्टेडियम बनाये थे। इसके पीछे हमारी मंशा ये थी कि प्रदेश से खिलाड़ी निकलें व पूरी दुनिया में भारत माता का नाम रौशन करें। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतें व तिरंगा फहराएं। हमारी खेल नीति के परिणामस्वरूप हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत मां की झोली को मेडलों से भर दिया। इसके पीछे हमारी भावना ये थी कि युवा नशे व अपराध की तरफ न जाएं बल्कि खेल के मैदान में उतरें। 
 
क्योंकि, शाम का वही समय स्टेडियम में जाने का होता है और लगभग वही समय नशे व अपराध की तरफ जाने का है। लेकिन 11 साल से हरियाणा के खेल स्टेडियमों की बेकद्री हो रही है। ऐसा लगता है कि सरकार नहीं चाहती कि हरियाणा के नौजवान खेलों में आगे बढ़ें। सरकार ने खुद एक भी नया खेल स्टेडियम नहीं बनाया, नया छोड़िए कांग्रेस सरकार में जो स्टेडियम बने थे उनका रखरखाव तक नहीं कर पा रही। वहीं, पदक लाओ, पद पाओ की नीति रोक दी। 
 
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि भारत सरकार की हरियाणा के प्रति छोटी सोच का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा कि केंद्रीय खेल बजट में खेल के लिये भारत सरकार ने 3500 करोड़ का बजट रखा लेकिन दुःख की बात है कि उसमें से हरियाणा को केवल 80 करोड़ का बजट दिया। जो पूरे देश में सबसे कम था। जबकि, गुजरात जैसे राज्यों को कहीं ज्यादा बजट राशि दी गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 50% से ज्यादा मेडल जीतकर लाते हैं ऐसे में हरियाणा के खिलाड़ियों के साथ ऐसा भेदभाव घोर अन्याय है। 

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