हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने जन जागरूकता वॉकथॉन के जरिए मनाया संविधान दिवस

पंचकूला, 26 नवंबर। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) ने आज भारत के संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में और संवैधानिक मूल्यों, कानूनी साक्षरता और नागरिकों के अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए संविधान दिवस वॉकथॉन का आयोजन किया।
न्यायमूर्ति श्रीमती लिसा गिल ने दो महत्वपूर्ण कानूनी जागरूकता पहलों का किया विमोचन
 
 
 
पंचकूला, 26 नवंबर। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) ने आज भारत के संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में और संवैधानिक मूल्यों, कानूनी साक्षरता और नागरिकों के अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए संविधान दिवस वॉकथॉन का आयोजन किया।
 
 
इस कार्यक्रम में न्यायमूर्ति श्रीमती लिसा गिल, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहीं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। राज्य प्राधिकरण ने स्वीकार किया कि कार्यकारी अध्यक्ष का दृष्टिकोण और नेतृत्व राज्य भर में कानूनी जागरूकता पहल को प्रेरित और मजबूत कर रहा है।
 
 
अपने संबोधन के दौरान, न्यायमूर्ति लिसा गिल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के संविधान को अक्सर हमारे लोकतंत्र का मार्गदर्शक माना जाता है। यह एक अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रलेख है, जिसकी रक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि यह प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए बनाया गया है। 
 
 
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में, नए विश्व मुद्दों से निपटने के लिए संवैधानिक मूल्यों की हमारी समझ को गहरा करने और उनके प्रति अपनी जिम्मेदारी की पुष्टि करने के लिए सामूहिक उपाय करने की सख्त जरूरत है। न्यायमूर्ति गिल ने आग्रह किया कि संविधान की भावना को अक्षरशः और व्यवहार में बनाए रखने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता आवश्यक है।
 
 
न्यायमूर्ति लिसा गिल ने यह भी कहा कि यह आयोजन न केवल भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक ऐतिहासिक मील के पत्थर का स्मरण कराता है, बल्कि जागरूक नागरिकों और सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से संविधान की भावना को आगे बढ़ाने की याद भी दिलाता है ।
 
 
इस कार्यक्रम में जिला न्यायालय पंचकूला के न्यायिक अधिकारियों, उपायुक्त पंचकूला, कानूनी समुदाय के सदस्यों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
 
कार्यक्रम के अन्तर्गत, न्यायमूर्ति श्रीमती लिसा गिल द्वारा दो महत्वपूर्ण कानूनी जागरूकता पहलों का विमोचन किया गया। पहली पहल के रूप में नालसा जागृति योजना, 2025 (जमीनी स्तर पर न्याय जागरूकता- सूचना और पारदर्शिता पहल) के तहत तैयार कानूनी जागरूकता वीडियो का शुभारंभ था। यह वीडियो आम जनता के लिए प्रमुख कानूनी और संवैधानिक अवधारणाओं को एक सुलभ और आकर्षक प्रारूप में सरल बनाने के लिए विकसित की गयी है। 
 
इसकी पहुँच और प्रभाव को और अधिक बढ़ाने के लिए, वीडियो में हरियाणवी कलाकारों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों की भागीदारी को शामिल किया गया है तथा जमीनी स्तर तक न्याय की पहुँच को मजबूत करने और कानूनी सहायता सेवाओं को बढ़ाने के लिए इसे सभी सार्वजनिक प्लेटफार्मों पर प्रदर्शित किया जाएगा।
 
 
एक अन्य प्रमुख पहल संविधान पर पुस्तिका ’’भारत के संविधान के लिए एक शुरुआती मार्गदर्शिका’’ का विमोचन था, जो एक संक्षिप्त, बाल-सुलभ संकलन है जिसका उद्देश्य बुनियादी संवैधानिक प्रावधानों की समझ को मजेदार और संवादात्मक तरीके से बढ़ाना है। पुस्तिका हरियाणा के स्कूलों में मौजूद सभी कानूनी साक्षरता क्लबों में वितरित की जाएगी। इस पुस्तिका का विमोचन पूरे हरियाणा में कानूनी और संवैधानिक साक्षरता के विस्तार के लिए हालसा की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
 
 
विमोचन के बाद, न्यायमूर्ति लिसा गिल ने औपचारिक रूप से संविधान दिवस वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर जन जागरूकता अभियान की शुरुआत की। प्रतिभागियों ने संवैधानिक मूल्यों और न्याय तक पहुंच के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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