विकसित भारत-2047 में किसानों की अहम भूमिका : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण’ सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

एकीकृत प्राकृतिक खेती और जल सुरक्षा फंडिंग पैकेज देने की रखी मांग

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली, 19 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय ‘विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण’ सम्मेलन आयोजित करने पर केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विजन को पूरा करने के लिए इस तरह के सम्मेलन बेहद जरूरी हैं। इस विकसित भारत की यात्रा को पूरा करने में किसानों की अहम भूमिका है। कृषि प्रधान हरियाणा ने देश के अन्न भंडारों को भरने और देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान किया है। उन्होंने हरियाणा के लिए “एकीकृत प्राकृतिक खेती और जल सुरक्षा फंडिंग पैकेज” देने की मांग रखी।

बैठक के उपरांत मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस सम्मेलन में राज्यों व देश की अर्थव्यवस्था को और बेहतर बनाने व विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने को लेकर सार्थक चर्चा की गई। इसके अलावा कृषि और ऊर्जा के क्षेत्र को आने वाले समय में कैसे और मजबूत किया जा सके, इस संबंध में भी भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस सम्मेलन में हरियाणा द्वारा कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए किए जा रहे बेहतर कार्यों को दिखाया गया, अन्य राज्यों ने भी अपने विचारों को सांझा किया।

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प्राकृतिक खेती के दायरे को बढ़ाना लक्ष्य

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में वर्ष 2026–27 में प्राकृतिक व जैविक खेती का दायरा पिछले वर्ष से चार गुणा बढ़कर लगभग 50 हज़ार एकड़ तक पहुंच जाएगा और वर्ष 2030–31 तक इसे 1 लाख 50 हज़ार एकड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। कुरूक्षेत्र में 2 हज़ार एकड़ का प्राकृतिक मॉडल कलस्टर विकसित कर रहे हैं। मोरनी ब्लॉक को सरकार ने प्राकृतिक सब्जियों के क्षेत्र में मॉडल के तौर पर विकसित करने का निर्णय लिया है। इसलिए केन्द्र सरकार से हरियाणा की विशेष परिस्थितियों व पहल के मद्देनज़र एक “एकीकृत प्राकृतिक खेती और जल सुरक्षा फंडिंग पैकेज” देने की मांग की गई है। इस पैकेज में भूजल रीचार्ज, वर्षा जल संचयन और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के विस्तार के लिए पूंजीगत निवेश शामिल करने की मांग भी की गई है। उन्होंने कहा कि बैठक में अनुरोध किया है कि केंद्र की विभिन्न योजनाओं के संसाधनों को एक समन्वित वित्तीय ढांचे में जोड़कर हरियाणा के लिए एक केन्द्र–प्रायोजित विशेष समेकित वित्तीय पैकेज पर विचार किया जाए।

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल से हुआ लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में मेरी फसल—मेरा ब्यौरा पोर्टल का लाभ हुआ है, जो भी किसान खाद लेते हैं, उसे इस पोर्टल के माध्यम से लिंक किया गया है। इससे किसानों की डिमांड के अनुरूप खाद प्राप्त हुई। इससे लगभग 900 करोड़ रुपए की खाद की सब्सिडी की बचत केंद्र सरकार की हुई है। केंद्र सरकार ने एफपीओ के इकोसिस्टम को पूरे देश में सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी बल दिया है और इस दिशा में हरियाणा में एफपीओ मिशन का पिछले दिनों शुभारंभ किया गया था।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में जिस प्रकार से सेम का पानी ऊपर आ गया है, लगभग 6 लाख एकड़ के करीब भूमि सेम की समस्या से ग्रस्त है, उसके बारे में भी सम्मेलन में सुझाव रखा है। सम्मेलन में सोलर एनर्जी और ग्रीन एनर्जी पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए सोलर व ग्रीन एनर्जी को बढ़ाने के सुझाव दिए गए। उम्मीद है कि इस सम्मेलन में लिए गए निर्णयों पर सकारात्मक परिणाम निकलेंगे और उनका लाभ पूरे देश के राज्यों को मिलेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, हरियाणा के वित्त विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ व अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

 

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