हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोध और नवाचार को लेकर शोधकर्ताओं से संवाद किया
पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने जमीनी समस्याओं पर केंद्रित अनुसंधान की जरूरत बताई
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 11 सितंबर | Haryana Research Fund के तहत हरियाणा में 90 शोध परियोजनाओं को 11.25 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोधकर्ताओं से जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, कृषि, भूजल संरक्षण और तकनीक जैसे विषयों पर जमीनी जरूरतों के अनुसार शोध करने का आह्वान किया। सरकार शोध को Patent, Technology Transfer, Innovation और रोजगार से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
Haryana Research Fund से 90 परियोजनाओं को सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में Haryana Research Fund के लिए अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके तहत 90 शोध परियोजनाओं को 11.25 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली है।
पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान में संवाद हुआ। इसमें कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और निजी विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि शोध का उद्देश्य केवल शोध पत्र प्रकाशित करना नहीं होना चाहिए। इसका सीधा लाभ समाज और आम लोगों तक पहुंचना जरूरी है।
Research Innovation में जमीनी समस्याओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने Research Innovation को प्रदेश की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और कृषि को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पानी प्राकृतिक संसाधन है और इसका निर्माण नहीं किया जा सकता। भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और पानी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
शोधकर्ताओं को ऐसे मॉडल तैयार करने चाहिए, जिनसे भूजल संरक्षण में मदद मिले। पानी की गुणवत्ता सुधारने के उपायों पर भी वैज्ञानिक अध्ययन जरूरी है।
कृषि क्षेत्र में कम पानी से ज्यादा उत्पादन पर भी शोध की जरूरत है। मिट्टी की सेहत और फसल अवशेषों के उपयोग पर भी ध्यान दिया जाए।
Technology और रोजगार से जोड़ा जाएगा शोध
मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोटेक्नोलॉजी, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल तकनीक तेजी से बदलाव ला रही हैं। एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और नए पदार्थ भी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और अनुसंधान व्यवस्था को इन बदलावों के अनुरूप आगे बढ़ाना होगा। साथ ही शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य हरियाणा को ज्ञान आधारित विकास का केंद्र बनाना है। इसके लिए तकनीक, उद्यमिता और शोध को साथ लेकर चलना होगा।
Haryana Research Fund के 350 आवेदन आए

हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. केसी शर्मा ने परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Haryana Research Fund के तहत 350 आवेदन प्राप्त हुए थे।
स्क्रीनिंग कमेटी ने इनमें से 163 आवेदनों को मंजूरी दी। अंतिम चरण में 90 शोध परियोजनाओं को स्वीकृति मिली।
इनमें 75 परियोजनाएं संकाय सदस्यों की हैं। वहीं 15 परियोजनाएं विद्यार्थियों से संबंधित हैं। सरकारी और निजी संस्थानों के शोधकर्ताओं को भी सहायता दी गई है।
Patent और Technology Transfer पर फोकस
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि शोध को पेटेंट और Technology Transfer से जोड़ना जरूरी है। विश्वविद्यालयों में तैयार विचारों को उत्पाद और रोजगार में बदलने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शोध केवल किताबों और शोध पत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका संबंध उद्योग और बाजार की जरूरतों से भी होना चाहिए।
उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे बदलावों की जानकारी भी दी। इनमें तीन और चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शामिल हैं। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और मल्टीपल एंट्री-एग्जिट भी लागू किए जा रहे हैं।
Patent Target को बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने शोधकर्ताओं के लिए 5,000 पेटेंट का लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि पेटेंट को उद्योग के साथ जोड़कर व्यावसायिक रूप देने पर ध्यान रहेगा।
उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह ने भी पेटेंट लक्ष्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 168 पेटेंट का लक्ष्य था। इस वर्ष इसे बढ़ाकर 350 किया गया है।
वर्ष 2030 तक 1,000 पेटेंट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार शोध को नवाचार और रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
यह भी पढ़ें: Haryana Food Safety पर सख्ती, त्योहारों से पहले बढ़ेगी जांच
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।