मंडी प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, बारिश से फसल न खराब हो, करें पुख्ता इंतजाम : नागर

हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने धान खरीद, उठान और किसानों को भुगतान की समीक्षा की

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों से ली प्रदेश की मंडियों में खरीद व्यवस्था की जानकारी, अनाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश 

न्यूज़म ब्यूरो 

चण्डीगढ, 12 अक्टूबर – हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश की सभी मंडियों में धान एवं बाजरा खरीद, अनाज के उठान, भंडारण और किसानों को किए जा रहे भुगतान की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों से मौजूदा खरीद सीजन की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और खरीदे गए अनाज का समय पर उठान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा, अनाज की गुणवत्ता बनाए रखना और खरीद से लेकर भुगतान तक की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक के दौरान मंत्री राजेश नागर ने मंडियों में पहुंच रहे अनाज की सुरक्षा के लिए किए गए प्रबंधों की भी जानकारी फरीदाबाद में वीडिया कान्फ्रेेंसिंग के माध्यम से ली। उन्होंने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके अनाज पैदा करता है और उसकी फसल का एक-एक दाना खरीदना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि मंडियों में आने वाले अनाज की खरीद नियमानुसार हो और उसे सुरक्षित तरीके से संबंधित खरीद एजेंसियों के भंडार गृहों तक पहुंचाया जाए।

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अधिकारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि 12 अक्टूबर तक प्रदेश की मंडियों में कुल 18.06 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 11.90 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि लगभग 4.88 लाख मीट्रिक टन धान का उठान भी किया जा चुका है। इससे प्रदेश में खरीद प्रक्रिया की प्रगति और उठान व्यवस्था की स्थिति की जानकारी मिली।

बैठक में किसानों को किए जा रहे भुगतान की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि अब तक 48,152 किसानों को लगभग 758 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। मंत्री ने भुगतान प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को उनकी फसल का पैसा समय पर मिलना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भुगतान से संबंधित प्रक्रियाओं को सुचारु रखा जाए और किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने दी जाए।

खरीद एजेंसियों की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 7.02 लाख मीट्रिक टन, हैफेड ने 3.50 लाख मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 1.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है। इसके अतिरिक्त निजी व्यापारियों द्वारा भी धान की खरीद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, निजी व्यापारियों के माध्यम से खरीदे गए धान का औसत भाव 2,466 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से कुछ अधिक है।

मंत्री राजेश नागर ने हाल ही में हुई हल्की बूंदाबांदी का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव को देखते हुए मंडियों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे खुले में रखा अनाज बारिश या नमी से प्रभावित न हो। तिरपाल, सुरक्षित भंडारण और समय पर उठान सहित सभी आवश्यक उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा, अनाज की गुणवत्ता बनाए रखना और खरीद से लेकर भुगतान तक की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे मंडियों में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

 

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