बार-बार चुनाव विकास की राह में स्पीड ब्रेकर : सुनील बंसल

एक राष्ट्र-एक चुनाव पर बने जनांदोलन

शिक्षक समागम में राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा- जनता तय कर ले तो देशहित में बड़े राजनीतिक सुधार संभव

 

शिक्षक नई पीढ़ी के चरित्र और राष्ट्रभाव का निर्माण करें : डॉ. अर्चना गुप्ता

 

युवाओं की चुनौतियों से खुद को जोड़कर समाधान खोजें शिक्षक

न्यूज़म ब्यूरो

Advertisement

गुरुग्राम, 12 सितंबर। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ किसी राजनीतिक दल के फायदे या नुकसान का विषय नहीं, बल्कि देश के विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार का विषय है। यदि देश की जनता तय कर ले कि चुनाव एक साथ होने चाहिए, तो लोकतांत्रिक जनमत के आधार पर यह सुधार संभव है। उन्होंने शिक्षकों से इस विषय पर समाज के बीच जनचर्चा और जनजागरण का अभियान चलाने का आह्वान किया।

शनिवार को सेक्टर-89 स्थित जीएवी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित ‘शिक्षा, शिक्षक और लोकतंत्र : एक राष्ट्र-एक चुनाव का संकल्प’ शिक्षक समागम को मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित करते हुए भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से आर्थिक बोझ बढ़ता है, विकास कार्य प्रभावित होते हैं और आचार संहिता के कारण नीतिगत निर्णयों पर भी असर पड़ता है। उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का उल्लेख करते हुए कहा कि विधानसभा, स्थानीय निकाय, राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के खर्च को जोड़ने पर चुनावी व्यवस्था का आर्थिक भार और बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि पिछले करीब तीन दशकों से ऐसा कोई वर्ष नहीं रहा जब देश में कहीं न कहीं चुनाव नहीं हुए हों। लगातार चुनावी प्रक्रिया के कारण प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी ड्यूटी में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों का भी काफी समय चुनाव में जाता है। एक साथ चुनाव होने पर सरकारों और राजनीतिक दलों को नीतियों, जनकल्याण और संगठनात्मक कार्यों पर निरंतर ध्यान देने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए समयानुकूल व्यवस्थागत सुधार आवश्यक हैं।

शिक्षक समागम में अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि देश की भावी पीढ़ी के चरित्र, सोच और राष्ट्रभाव का निर्माण करने वाले हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को भारत की मिट्टी, विरासत और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कक्षा के टॉप विद्यार्थियों के साथ पीछे रहने वाले बच्चों पर भी समान ध्यान दिया जाना चाहिए। हर बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बनेगा, कोई खिलाड़ी बनेगा तो कोई अन्य क्षेत्र में देश के निर्माण में योगदान देगा। इसलिए किसी बच्चे को कमजोर समझकर पीछे नहीं छोड़ना चाहिए।

उन्होंने कक्षा में पढ़ाए गए विषय के लिए विद्यार्थियों को ट्यूशन की जरूरत पड़ने को भी आत्ममंथन का विषय बताया। डॉ. गुप्ता ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान में विद्यार्थियों और शिक्षकों को सक्रिय रूप से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने रक्तदान, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, जल संरक्षण, जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाने और वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने जैसे सेवा कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा एवं राष्ट्र प्रथम की भावना विकसित करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में एम3एम की चेयरपर्सन पायल कनोडिया, पद्मश्री पैराओलंपिक दीपा मलिक, प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा, प्रदेश महामंत्री वेद फुल्ला व सत्यप्रकाश जरावता, गुरुग्राम जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक डॉ यशवीर राघव, बोधराज सीकरी, प्रदीप कौशिक, परीक्षित भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Tap to Refresh