मुख्यमंत्री ने पानीपत में संत दुर्बलनाथ जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘खटिक गर्जना सम्मेलन’ में कहा, खटिक समाज ने वीरता, साहस और बलिदान से देश के इतिहास में बनाई विशिष्ट पहचान
सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए सरकार ने उठाए अनेक ऐतिहासिक कदम : नायब सिंह सैनी
सफाई कर्मियों और सीवरमैन की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर दुर्घटना बीमा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का निर्णय
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दी जा रही विशेष सुविधाएं
शिक्षा, संगठन और संवैधानिक मूल्यों के बल पर समाज को आगे बढ़ने का किया आह्वान
न्यूज़म ब्यूरो
पानीपत, 25 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र पर चलते हुए समाज के सभी वर्गों के कल्याण और उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उसे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री रविवार को पानीपत में संत दुर्बलनाथ की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘खटिक गर्जना सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने खटिक समाज द्वारा मांग पत्र के माध्यम से की गई सभी मांगों को संबंधित विभागों के माध्यम से पूरा करवाने की घोषणा की तथा समाज को सार्वजनिक कार्य हेतु 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि संत दुर्बलनाथ के नाम से धर्मशाला बनवाने के लिए एक करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष संत दुर्बलनाथ की जयंती को सरकार द्वारा राज्य स्तरीय समारोह के रूप में मनाने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि दुर्बलनाथ जी को नमन करते हुए कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज सेवा, शिक्षा और संगठन को मजबूत बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि संत दुर्बलनाथ जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित यह सम्मेलन समाज की एकता और जागरूकता का प्रतीक है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि खटिक समाज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने साहस और स्वाभिमान को बनाए रखा। वर्ष 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में अंग्रेजों का डटकर मुकाबला करने वालों में खटिक समाज के वीर अग्रणी रहे। समाज ने अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन अपनी पहचान और मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया।
सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राज्य सरकार सफाई कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी कल्याण आयोग का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जातियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का भी गठन किया गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत 5 हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों को संबंधित पालिकाओं के रोल पर लिया है। सफाई कर्मियों और सीवरमैन की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर दुर्घटना बीमा राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही मृतक के परिवार के सदस्य को नौकरी और ग्रेच्युटी देने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा पुलिस में भर्ती किए गए 5500 जवानों में से 604 बच्चे डीएससी समाज के भर्ती किए गए हैं। हरियाणा सरकार द्वारा स्कॉलरशिप को ऑनलाइन कर दिया गया है जिसके बाद बच्चों की रुकी हुई स्कॉलरशिप एक बटन दबाते ही उनके खातों में आ गई है। इसके अलावा हर महीने विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपए पात्र लाभार्थियों के खातों में भिजवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 2100 रुपये दिए जा रहे हैं जिसके तहत अब तक 2500 करोड रुपए दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए एक लाख रुपये की सालाना आमदनी की सीमा को बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके बाद हरियाणा में 4 लाख अतिरिक्त महिलाओं द्वारा रजिस्ट्रेशन करवाया गया है जिन्हें 1 नवंबर से इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए विशेष योजनाएं
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि डॉ. अम्बेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को कक्षा के अनुसार 8 हजार रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

इसी प्रकार, जिन अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की पारिवारिक वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक है, उन्हें विभिन्न उच्च प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी संस्थानों के माध्यम से दो बार तक निःशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को 2,500 रुपये से लेकर 13,500 रुपये प्रतिवर्ष तक शैक्षणिक भत्ता दिया जाता है। इसके अतिरिक्त सभी अनिवार्य नॉन-रिफंडेबल फीस का भुगतान भी किया जाता है।
गरीब परिवारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाएं
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राज्य सरकार गरीब और वंचित परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि प्रदान की जाती है। इसी प्रकार, डॉ. अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति एवं टपरीवास जाति के लोगों को मकान की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 76985 लाभार्थियों को 416 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है।

हर परिवार को देंगे छत
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि हरियाणा में मुख्यमंत्री आवास योजना व प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.60 लाख मकान बनाकर गरीब परिवारों को दिए गए हैं। इसके अलावा 24 हजार परिवारों को प्लॉट दिए गए हैं और अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम कर पात्र परिवारों को फ्लैट भी बना कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर परिवार को छत देना हरियाणा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
शिक्षा और संगठन से ही समाज की प्रगति संभव
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खटिक समाज ने अपनी रचनात्मक समाज सेवाओं के बलबूते पर प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त किया है। समाज के अनेक प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, सैनिकों और उद्यमियों ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से नई पीढ़ी के सामने प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि खटिक समाज का राजनीति में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समाज के अनेक प्रतिनिधियों ने विभिन्न स्तरों पर जनसेवा करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर उन्हें कौशलयुक्त एवं आत्मनिर्भर बनाएं। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया था। शिक्षा, संगठन और संवैधानिक मूल्यों के प्रति आस्था ही समाज को स्थायी प्रगति की ओर ले जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ की भावना के साथ प्रदेश सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। सरकार का संकल्प है कि विकास की मुख्यधारा से कोई भी वर्ग वंचित न रहे और प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।
इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार, अखिल भारतीय खटिक समाज के अध्यक्ष एवं सांसद अनिल फिरोजिया, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, विधायक प्रमोद विज, मेयर कोमल सैनी, उत्तराखंड के राज्यमंत्री सुरेंद्र मोंगा, जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, हरपाल ढांडा, डॉ. सिप्पी महेन्द्रा व प्रवक्ता राजकुमार कटारिया सहित संगठन के पदाधिकारी और खटिक समाज के व्यक्ति उपस्थित रहे।
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