सच्ची आध्यात्मिकता केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा व समाज कल्याण में निहित है
रोहतक के टिकाणा संत बाबा सांवल शाह आश्रम में आयोजित वार्षिक यज्ञ संगम एवं भंडारे में राज्यपाल एवं प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष ने की शिरकत
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर। हरियाणा के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने कहा कि भारत की समृद्ध संत परंपरा ने सदैव समाज को प्रेम, करुणा, सद्भाव और मानवता का मार्ग दिखाया है। संतों की वाणी और विचार हमें यह सिखाते हैं कि सच्ची आध्यात्मिकता केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की निस्वार्थ सेवा, परस्पर सम्मान और समाज के समग्र कल्याण में निहित है।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष रविवार को रोहतक में टिकाणा संत बाबा सांवल शाह आश्रम के बाबा प्रेमदास की स्मृति में आयोजित वार्षिक यज्ञ संगम एवं भंडारे के पावन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं, आयोजकों और साधु-संतों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यज्ञ हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का पावन प्रतीक है, जो हमें त्याग, समर्पण और लोकमंगल की भावना का संदेश देता है। वहीं, भंडारा सेवा, समानता और भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करता है, जहाँ सभी वर्ग के लोग एक साथ बैठकर सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि वर्तमान समय में संतों की इन अमूल्य शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में उतारने, युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों व संस्कारों से जोड़ने और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा आपसी सहयोग की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करने की महती आवश्यकता है।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने इस भव्य व पुनीत आयोजन के लिए आश्रम प्रबंधन के सभी पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ सेवा ही हमारा धर्म हो, मानवता सर्वोच्च मूल्य बने और सद्भाव ही हमारी पहचान स्थापित करे।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सभी के प्रति अपनी मंगल कामना व्यक्त कीं। उन्होंने सभी के सुखद, समृद्ध और उत्तम वर्ष की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर का संकीर्तन और भक्ति ही हमारे जीवन का एकमात्र सच्चा मार्ग है। मित्रा घोष ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, भगवान बांके बिहारी ही हम सभी के पालनहार हैं और वही सभी का ध्यान रखते हैं। ईश्वर की कृपा और आशीर्वाद से ही जीवन में प्रगति संभव है। जीवन में हमेशा प्रभु का स्मरण करते हुए आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि उनकी कृपा ही सदैव हमारा मार्गदर्शन करती है। उन्होंने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं व नागरिकों को हृदय से शुभकामनाएं एवं शुभाशीष प्रदान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महंत राघवेंद्र भारती ने राज्यपाल महोदय, उपस्थित संत समाज, प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया। उन्होंने हरियाणा में रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा निरंतर की जा रही निस्वार्थ मानव सेवा और कल्याणकारी कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने आश्रम द्वारा पूज्य संतों के सान्निध्य में चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि पानीपत में आयोजित यात्रा को 5,000 से अधिक लोगों का भरपूर समर्थन मिला। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से नशा मुक्ति व सेवा कार्यों में निरंतर सहयोग देने की अपील की।
इस अवसर पर स्वामी राघवेंद्र भारती, बाबा मदन शाह, स्वामी शंकराचार्य, बाबा सूखा शाह, बाबा गौरव, बाबा हरपाल, रामसुख महाराज, स्वामी अरविंद, परमानंद महाराज, बाबा कर्णपुरी, गुलशन दुआ, भाजपा नेता अमरजीत सिंह, उद्योगपति राजेश जैन, हरियाणा में रेड क्रॉस सोसाइटी के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी, पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, जिला राजस्व अधिकारी सुशील कुमार सहित अन्य नागरिक मौजूद थे।
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