लगभग 3300 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट और वस्तुओं की खरीद को दी गई मंजूरी

चंडीगढ़, 9 दिसंबर : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एचपीपीसी) की बैठक में लगभग 3300 करोड़ रुपये की महत्त्वपूर्ण सामग्रियों और सेवाओं की खरीद को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई और बोलीदाताओं के साथ नेगोसिएशन के उपरांत लगभग 127 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित की गई, जिससे राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन को और अधिक मजबूती मिली है।

बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविन्द शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर उपस्थित रहे।

बैठक में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग के लिए बीएस-6 मानक के 41 ट्रकों की खरीद को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही ऊर्जा एवं विद्युत वितरण से जुड़े कई अहम प्रस्ताव जिनमें 16 केवीए के लगभग 27000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर की खरीद तथा 25, 63 और 100 केवीए क्षमता के एल्युमिनियम वाइंडिंग वाले डैमेज्ड ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत शामिल है, इन सभी को भी मंजूरी प्रदान की गई। 

बैठक में ऊर्जा उत्पादन से जुड़े एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई, जिसके तहत हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के ताप विद्युत संयंत्रों को एक वर्ष की अवधि के लिए 3.55 लाख मीट्रिक टन एग्रो रेजिड्यू आधारित टोरेफाइड बायो-मास पैलेट्स की आपूर्ति की जाएगी, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक कच्चा माल धान के फसल अवशेषों का होना अनिवार्य रहेगा। बैठक में नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा 20,000 सोलर स्ट्रीट लाइटों की सप्लाई व इंस्टॉलेशन के लिए भी वार्षिक दर अनुबंध को स्वीकृति दी गई।

बैठक में डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्टेट नेटवर्क मैनेजमेंट केंद्र, जिला एवं ब्लॉक नेटवर्क प्रबंधन केंद्रों में आधुनिक आईटी उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। इससे विभिन्न विभागों के कार्यालयों को उच्च तकनीकों के माध्यम से हाई-स्पीड नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रदान होगी, जिससे हरियाणा की ई-गवर्नेंस व्यवस्था और अधिक सक्षम, सुरक्षित तथा तीव्र हो सकेगी।

इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा पद्धति को सुचारू रूप से संचालित करने और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने हेतु सरकारी स्कूलों में लगभग 5000 एलईडी/टीवी सेट्स की खरीद के वार्षिक अनुबंध को भी मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही, राज्य के 391 एटीएल एवं रोबोटिक्स प्रयोगशालाओं हेतू सिस्टम इंटीग्रेटर के चयन को भी हरी झंडी दी गई। इन प्रयोगशालाओं में ऐस्ट्रोनॉमी, टिंकरिंग और रोबोटिक्स पर विशेष फोकस दिया जाएगा।

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बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार और आपूर्ति एवं निपटान विभाग के महानिदेशक पंकज के अलावा संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव उपस्थित रहे।

 

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