मुख्यमंत्री खुश हुए, CM विंडो पर 2.83 लाख में से 2.34 लाख शिकायतों का हुआ समाधान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जन-संवाद, सीएम विंडो, एसएमजीटी तथा समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों के समाधान की समीक्षा की

एडीसी को दिए गए हैं फैमिली आईडी में सुधार के अधिकार, समस्याओं का त्वरित समाधान करें: नायब सिंह सैनी

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 25 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा गत दिनों आमजन की शिकायतों के जल्द समाधान के लिए कड़ी चेतावनी देने का असर दिखाई देने लगा है। विभागों द्वारा सीएम विंडो पर आई 2.83 लाख में से 2.34 लाख शिकायतों का त्वरित समाधान कर दिया गया है। इसी प्रकार सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को मिली 105761 में से 83550 शिकायतें भी दूर कर दी गई हैं। शिकायतों के त्वरित समाधान पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शेष मामलों का भी जल्द समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को सीएम विंडो, जनसंवाद, एसएमजीटी (सोशल मीडिया ग्रीवांस ट्रैकर) तथा समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों के समाधान की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित सभी विभागों के उच्चाधिकारी तथा ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त भी शामिल हुए।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में आमजन की शिकायतों और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान करवाने के लिए सीएम विंडो, जनसंवाद, एसएमजीटी (सोशल मीडिया ग्रीवांस ट्रैकर) तथा समाधान शिविरों का संचालन किया जाता है। सभी शिकायतें और समस्याएं संबंधित विभागों को भिजवाई जाती हैं और उनसे अपेक्षा की जाती है कि आमजन को राहत देने के लिए इनका समयबद्ध समाधान किया जाए। इसीलिए समय-समय पर इन शिकायतों के समाधान की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की जाती है।

सीएम विंडो पर मिली समस्याओं के बारे में संबंधित नोडल अधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान मुख्यमंत्री के कार्यकाल में सीएम विंडो पर 2.83 लाख शिकायतें प्राप्त हुई थी, इनमें से 2.34 लाख शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। जिलों में, यमुनानगर, नूंह और हांसी ने अच्छा काम किया है। इसी प्रकार विभागों में श्रम विभाग, इलेक्ट्रोनिक्स एंड आईटी, सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा रोजगार विभाग ने 80 प्रतिशत से ज्यादा स्कोर प्राप्त किया। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों का स्कोर 70 से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने शेष मामलों के जल्द समाधान के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सीएम विंडो पर झूठी शिकायत करके इस प्रणाली का दुरूपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नोडल अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सोशल मीडिया ग्रीवांस ट्रैकर पर ट्वीटर आदि के माध्यम से आमजन द्वारा की गई 105761 में से 83550 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है जबकि 33783 शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्राप्त सभी शिकायतों का जल्द समाधान कर पेंडेंसी को समाप्त किया जाए।

जनसंवाद के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापक स्तर पर मिली एक जैसी समस्याओं के लिए सरकार द्वारा पॉलिसी बनाई जाएगी ताकि जनता को व्यापक राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी में सुधार के संबंध में काफी शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनके समाधान के लिए सभी जिलों में अतिरिक्त उपायुक्तों को (आय को छोड़कर) व्यापक अधिकार दिए गए हैं। परिवारों की आय सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं की बैठकों के दौरान ग्रामीणों के सामने पंचायतों के माध्यम से करवाया जाए ताकि कोई व्यक्ति अनुचित लाभ न ले और पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र परिवारों को मकान व फ्लैट देने के मामलों में भी उनकी आय तथा अन्य पात्रता की तसदीक ग्राम पंचायतों के माध्यम से करवाई जाए, क्योंकि पंचायत को सभी की वास्तविक स्थिति पता होती है और ऐसा करने से पात्र व्यक्तियों को मकान मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में नीचे के कर्मचारियों ने गलत तसदीक करके अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है उनकी रिपोर्ट सभी उपायुक्त मुख्य सचिव को भिजवाएं ताकि ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि आमजन से प्राप्त होने वाली शिकायतों व समस्याओं के समाधान के लिए सभी उपायुक्त नियमित रूप से फोलो—अप लें तथा मुख्यालय को एटीआर भिजवाएं। यदि कोई अधिकारी निर्धारित समय सीमा में समस्या का समाधान नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनसंवाद पर प्राप्त जिन शिकायतों पर एक साल से कार्रवाई नहीं हुई उनमें संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एक साल से ज्यादा समय से पेंडिंग मामलों वाले विभाग कल और परसों छुट्टी के दिनों में कार्यालय लगाकर इनका समाधान करें और सोमवार को इसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव के पास जमा करवाएं। उन्होंने कहा कि उनकी अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में निर्देश देने और आवश्यक बजट उपलब्ध करवाने के बाद भी यदि समस्याओं के समाधान में देरी हुई हैं तो संबंधित अधिकारी उसका भी स्पष्टीकरण दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंवाद के माध्यम से आने वाली समस्याओं की प्राथमिकता निर्धारित की जाए और सामूहिक कार्यों को पहले करवाया जाए। उन्होंने कहा कि पहले किए जाने वाले कार्यों का निर्धारण ग्राम सभाओं के माध्यम से करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांवों व शहरों में पेयजल, बिजली व सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने सभी उपायुक्तों व विभागाध्यक्षों को प्रति सप्ताह जन—शिकायतों के निष्पादन कार्यों की समीक्षा करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा—निर्देश दिए।

 

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