सुशासन दिवस तक सभी नागरिक सेवाओं को ऑटो अपील सिस्टम पर ऑनबोर्ड करना करें सुनिश्चित : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 2 दिसंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रशासनिक सचिवों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने विभागों की सभी लंबित नागरिक सेवाओं को 25 दिसंबर, सुशासन दिवस तक ऑटो अपील सिस्टम पर पूर्ण रूप से ऑनबोर्ड करना सुनिश्चित करें ताकि जनता को सेवाओं का समय पर लाभ मिल सके।
जनता की सेवा सरकार की पहली जिम्मेदारी, नागरिक सेवाओं की सुगम पहुंच हर हाल में हो सुनिश्चित
 
 
चंडीगढ़, 2 दिसंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रशासनिक सचिवों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने विभागों की सभी लंबित नागरिक सेवाओं को 25 दिसंबर, सुशासन दिवस तक ऑटो अपील सिस्टम पर पूर्ण रूप से ऑनबोर्ड करना सुनिश्चित करें ताकि जनता को सेवाओं का समय पर लाभ मिल सके।
 
 
मुख्यमंत्री आज यहां ऑटो अपील सिस्टम की प्रगति को लेकर बुलाई गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
 
 
उन्होंने कहा कि जिन विभागों के एक से अधिक पोर्टल संचालित हैं, उनमें बेहतर इंटीग्रेशन सुनिश्चित किया जाए ताकि डेटा तक सहज पहुंच हो और नागरिकों को सेवाओं का लाभ समयबद्ध मिल सके। साथ ही, जो सेवाएं भारत सरकार के पोर्टलों के माध्यम से संचालित होती हैं, उन्हें भी केंद्र के संबंधित विभागों से समन्वय करके शीघ्रतापूर्वक ऑटो अपील सिस्टम पर ऑनबोर्ड किया जाए ताकि यह प्रणाली सुशासन दिवस तक पूर्ण रूप से लागू हो सके।
 
 
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रशासनिक सचिव अपने नियंत्रणाधीन विभागों की नागरिक सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर तक प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि निर्धारित समय में सभी नागरिक सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा किसी भी सरकार और उसके प्रशासनिक तंत्र की पहली जिम्मेदारी है, इसलिए नागरिक-केंद्रित सेवाओं की सुगम पहुंच हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।
 
 
बैठक में बताया गया कि हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के तहत 794 नागरिक सेवाओं को अधिसूचित किया गया है। देरी पाए जाने पर राइट टू सर्विस कमीशन द्वारा संबंधित अधिकारी/कर्मचारी पर जुर्माना भी लगाया जाता है। अब तक ऑटो अपील सिस्टम में सेवा देरी से संबंधित 24,18,370 अपीलें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 22,07,307 प्रथम अपील प्राधिकरण तथा 2,06,495 द्वितीय अपील प्राधिकरण को भेजी गईं। 
 
केवल 4,568 अपीलें राइट टू सर्विस कमीशन तक पहुंचीं, जिन पर कमीशन ने संज्ञान लिया है। राज्य सरकार द्वारा इस प्रणाली को लागू करने का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करना है। 
 
 
 
इससे पहले राइट टू सर्विस कमीशन के मुख्य आयुक्त श्री टीसी गुप्ता ने ऑटो अपील सिस्टम की कार्यप्रणाली और प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
 
 
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजशेखर वुंडरू, नगर एवं ग्राम नियोजन तथा शहरी संपदा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए के सिंह, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्यामल मिश्रा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाईन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। 

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