वन पर्यावरण के साथ अर्थव्यवस्था को भी करते हैं मजबूत : पीसीसीएफ विनीत कुमार गर्ग

नेचर कैंप थापली में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

नेचर कैंप थापली में विश्व वानिकी दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन

मुख्यमंत्री का थापली नेचर कैंप को लेकर विजन तेजी से हो रहा है साकार : ओएसडी भारत भूषण भारती

कार्यक्रम में पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव किए साझा

न्यूज़म ब्यूरो

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पंचकूला, 21 मार्च : पर्यावरण की गोद में बसे नेचर कैंप थापली में विश्व वानिकी दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक हरियाणा विनित कुमार गर्ग मुख्यअतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर नेचर कैपं में अपने तीन दिवसीय भ्रमण पर आए पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ के विद्यार्थियों ने विशेष रूप से भाग लिया।

पीसीसीएफ हरियाणा विनित कुमार गर्ग ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि इस वर्ष विश्व वानिकी दिवस का थीम है ‘‘वन और अर्थव्यवस्था‘‘। उन्होने कहा कि वन न केवल पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर रखते हैं बल्कि इनका देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में अहम योगदान है। वन विभाग हरियाणा द्वारा प्रदेश में वन क्षेत्र बढाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

उन्होने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश भर में वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लोगों को अधिक से अधिक पेड लगाने और उन्हें संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होने बताया कि हरियाणा वन विभाग एक पेड माॅ के नाम अभियान के साथ साथ केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पूरे देश में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों के तहत तय लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है।

विनित गर्ग ने बताया कि इस साल प्रदेश भर में विभिन्न विभागों और जनभागेदारी से डेढ करोड पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए 3 हजार रुपये सालाना पेंशन देने का प्रावधान किया हुआ है।

पीसीसीएफ हरियाणा विनित कुमार गर्ग ने बताया कि अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान कर उनके अभिरक्षकों को पेंशन प्रदान की गई है। इसके अलावा 1541 नए पेडों की पहचान की गई है। इसके साथ साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ओक्सी वन और हर्बल पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होने कहा कि पिछले चार पांच महीनों के दौरान हरियाणा के साथ साथ पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर से लगभग 800 विद्यार्थी नेचर कैंप थापली का भ्रमण कर चुके हैं। इसमें 10 विद्यार्थियों ने 153 किलोमीटर लंबे टैªक को पूरा करने का भी रिकार्ड बनाया है। इस अवसर पर उन्होने पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रों को कालेसर नेशनल पार्क में भी भ्रमण के लिए आमंत्रित किया।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती ने कहा कि जिस प्रकार विद्यार्थियों ने थापली नेचर कैंप में अपने तीन दिनों के अनुभव सांझा किए हैं उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने थापली नेचर कैंप के लिए जो विजन रखा था वह तेजी से पूरा हो रहा है। उन्होने थापली नेचर कैंप को एक प्रयोगशाला बताते हुए कहा कि यंहा सहकार और संस्कार दोनो का समावेश होता है।

भारती ने कहा कि श्रषियों ने कहा है कि मनुष्य का शरीर पांच तत्वों से बना है और वायु उसमें से एक है। उन्होने कहा कि वायु हमें मशीनों से नही प्रकृति से मिलती है और इसके लिए पेड लगाना आवश्यक है। उन्होने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षण संस्थानों के छात्रों और आम नागरिकों से एक पेड माॅ के नाम लगाने का आहवान किया। भारती ने उपस्थित विद्यार्थियों से आहवान किया कि वे यंहा से वापिस जाकर अपने घरों और शिक्षा के मंदिरों में कम से कम एक पेड अवश्य लगाएं और उनका संरक्षण भी करें। इस अवसर पर उन्होने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

इससे पूर्व पंजाब विश्वविद्यालय से आए विद्यार्थियों ने नेचर कैंप थापली में बिताये तीन दिनों के अनुभव सांझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होने यंहा प्रकृति को करीब से समझने का अवसर मिला है। साथ ही ट्रैकिंग और अन्य रोमांचकारी गतिविधियों में चुनौती को पूरा कर एक उपलब्धी का अहसास हुआ। उन्होने कैंप के दौरान रूकने और खाने की व्यवस्था की भी प्रशंसा की।

इस मौके पर अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक टीपी सिंह, वन संरक्षक नार्थ सर्कल जितेंद्र अहलावत, हरियाणा वन मंडल अधिकारी मोरनी पिंजौर संदीप सैनी, युवा कल्याण संयोजक नरेंद्र सिंह सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

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