नए संकल्प के साथ शिक्षा उत्थान व महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है सरकार : नायब सिंह सैनी

ज्ञान की शक्ति के साथ मातृ शक्ति के लिए आए सुझाव

 

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 12 जनवरी : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मजबूत शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत 2047 की अवधारणा के साथ हरियाणा सरकार नए संकल्प के साथ देश की प्रगति में सहभागी बन रही है। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में शिक्षाविद व महिला प्रतिनिधिगण के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक में सीधा संवाद कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी व गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बैठक में भारतीय संस्कृति के अग्रदूत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें नमन किया और उपस्थित प्रतिनिधिगण को लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व की भी शुभकामनाएं दी।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज ज्ञान की शक्ति के साथ मातृ शक्ति के समागम में आगामी बजट में विशेष पहलुओं के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की आत्मा है और आने वाली पीढ़ियों के चरित्र, कौशल, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की चेतना में शिक्षा सुधार करते हुए विकसित भारत 2047 का शास्वत रूप दिया जाएगा। 

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि विगत वित्त बजट में हरियाणा सरकार ने शिक्षा जगत के लिए बजट पूर्व परामर्श में आए 63 महत्वपूर्ण सुझावों को शामिल करते हुए 21 हजार 893 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान मिले सुझावों में हरियाणा सरकार ने आधुनिक मॉडल संस्कृति स्कूलों की संकल्पना, दो पारी में स्कूलों का संचालन, स्टैम लैब्स की स्थापना, छात्रों को इसरो, डी.आर.डी.ओ. जैसे राष्ट्रीय संस्थानों से जोड़ा गया। इसके अलावा, बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के कार्यक्रम, हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष, कल्पना चावला छात्रवृत्ति योजना और उद्योग एवं अकादमिक साझेदारी जैसी पहल भी इसी सहभागिता का परिणाम है।

 

अनुसंधान एवं शोध में बसती है उच्चतर शिक्षा की आत्मा

नायब सिंह सैनी ने बताया कि उच्चतर शिक्षा की आत्मा अनुसंधान एवं शोध कार्य में बसती है। इसलिए प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष में हरियाणा में 20 करोड़ रुपये का हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाया है। हर जिले में एक राजकीय महाविद्यालय को मॉडल संस्कृति महाविद्यालय के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया था। ये 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी प्रावधानों को वर्ष 2026-27 में पूरी तरह लागू कर देंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 ने देश की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप ढालने की स्पष्ट रूपरेखा दी है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए गत 8 जनवरी को पंचकूला में नीव पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया। यह पोर्टल एक इंटेलिजेंट, डेटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करता है।

 

महिला कल्याण से जुड़े बजट को दी जाएगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिला कल्याण से जुड़े बजट को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने मातृ शक्ति को प्रेरित करते हुए कहा कि वह समाज की धुरी हैं और हरियाणा की आधी आबादी की आवाज को नीति और बजट से जोड़ने के सशक्त प्रयास में भी सहभागी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार व आत्मनिर्भरता के साथ महिलाओं के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिससे समाज और प्रदेश तरक्की की राह दोगुनी गति से अग्रसर हो रहे हैं। बीते वर्ष बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 2 हजार 101 करोड़ 55 लाख रुपये का प्रावधान किया था। इसमें से अब तक 975 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।  सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत की। इसके साथ-साथ किशोरी योजना को प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया गया है। महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षित आवास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 6 जिलों में महिला छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से सरकारी संस्थानों में चल रही कैंटीनों के एक-तिहाई टेंडर इन समूहों को दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के 2 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में बदला जा रहा है। इनसे माताओं और बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की सुविधाएं मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 में शिक्षा व महिला कल्याण से जुड़े जो भी सकारात्मक व सार्थक सुझाव प्राप्त होंगे, उन्हें बजट में शामिल करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ राज नेहरू, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल, उपायुक्त अजय कुमार व नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया मौजूद रहे।

 

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