हरियाणा सरकार 'नारी शक्ति' को मानती है राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार : राज्यपाल

न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़ , 20 फरवरी : हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार 'नारी शक्ति' को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है और उनके सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है। प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।  

राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का सबसे सशक्त संकेत महिलाओं की स्थिति से मिलता है। हरियाणा सरकार महिला सशक्तिकरण को महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय क्षमता के विकास के रूप में देखती है। उन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 'ड्रोन दीदी योजना' के तहत ग्रामीण महिलाओं को राज्य स्वामित्व वाली कंपनी 'ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा लिमिटेड' के माध्यम से 29 सितंबर, 2021 से स्टेट-ऑफ-द-आर्ट स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है। इनमें 33 'ड्रोन दीदियों' को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 15 का प्रशिक्षण जारी है। इनके अतिरिक्त, लगभग 1,350 'ड्रोन दीदियों' के लिए जल्द ही प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।  

उन्होंने महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए बताया कि राज्य में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में, 33 महिला पुलिस थाने और 239 महिला हेल्प डेस्क पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। इनके अलावा, अगले वर्ष 7 नए महिला पुलिस थाने – लोहारू, बरवाला (हिसार), नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पेहोवा में खोलने का निर्णय किया गया है। 

प्रदेश सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए उदाहरणीय प्रयास किए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में 'सांझा बाजार' और बस स्टैंडों पर विशेष दुकानें स्थापित की गई हैं। यह सुदृढ़ बाजार ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने और सम्मानजनक आय अर्जित करने में मदद करते हैं। श्रमिकों को भोजन सेवाएं प्रदान करने के लिए इन समूहों को 124 'अटल श्रमिक-किसान कैंटीन' का संचालन भी सौंपा गया है। 

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राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश सरकार के 'लखपति दीदी' कार्यक्रम से राज्य में एक मूक क्रांति आई है, जिसके परिणास्वरूप, 1 लाख 6 हजार 325 महिलाएं 'लखपति दीदी' बन गई हैं। सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) के उत्पादों को वैश्विक और डिजिटल पहचान दिलाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किए गए हैं और उन्हें मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से सीधे मुख्य बाजार से जोड़ा जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के विज़न को पूरा करने के लिए राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कक्षा एक से पहले एक साल की प्री-प्राइमरी शिक्षा, यानि 'बालवाटिका-III' शुरू की गई है। बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात को 1:30 के आदर्श स्तर पर बनाए रखा गया है। बच्चों को सुरक्षित व घर जैसा माहौल देने के लिए राज्य भर के लगभग 8,600 स्कूलों में बाल अनुकूल और समर्पित क्लासरूम बनाए गए हैं। यह गर्व की बात है कि शैक्षणिक सत्र-2025-26 में बालवाटिका-III में 79,000 से ज़्यादा बाल विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इन बच्चों को खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित और भय-मुक्त वातावरण में शिक्षा दी जा रही है। मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से इन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की प्रगति की निरंतर निगरानी की जा रही है। बालवाटिका-III के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्व स्तरीय बनाने के लिए खेल सामग्री और आवश्यक सुविधाओं से युक्त 119 मॉडल बालवाटिका बनाई गई हैं। 

राज्य में शांतिसुरक्षा और कानून का राज

राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हरियाणा  में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रही है। आज इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि तीन नए आपराधिक कानूनों को पूर्णरूप से लागू करने में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में बेहतर जांच और मॉडर्न पुलिसिंग के परिणामस्वरूप, 1 जुलाई, 2024 से 31 दिसम्बर, 2025 तक पंजीकृत मामलों में सज़ा की दर बढ़कर 74.13 प्रतिशत हो गई है।

प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सुरक्षा की प्रतिबद्धता से वर्ष 2025 में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। साइबर क्राइम के खिलाफ़ संघर्ष में हरियाणा देश में सबसे आगे हैं। हरियाणा ने रियल टाइम में 36 प्रतिशत फ्रॉड अमाउंट बचाकर और 1.5 लाख फ्रॉड मोबाइल नंबर ब्लॉक करके हमारे नागरिकों की 256 करोड़ रुपये की संपत्ति सुरक्षित की है।

राज्यपाल ने आगे कहा कि खुशी की बात है कि पिछले 4-5 वर्षों में अनुसूचित जाति की महिलाओं के खिलाफ़ हुए अपराधों में कमी आई है। ऐसी महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार के मामलों में पिछले 4 वर्षों में 67 प्रतिशत की कमी आई है, जो वर्ष 2021 में 257 से घटकर वर्ष 2025 में 83 रह गए हैं। बलात्कार के मामले वर्ष 2022 में 211 से घटकर वर्ष 2025 में 105 रह गए हैं, जो 50 प्रतिशत की कमी है। वर्ष 2020 से अपहरण के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2020 में ऐसे 23 मामले थे, जो वर्ष 2025 में घटकर 10 रह गए हैं।

उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आने वाले मामले वर्ष 2021 में 132 से घटकर वर्ष 2025 में 48 रह गए हैं। संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई करते हुए, राज्य पुलिस ने 426 आपराधिक गैंग का भंडाफोड़ किया है और विदेश में शरण लिए हुए 15 गैंगस्टरों का प्रत्यार्पण सुनिश्चित किया है। इससे फिरौती की घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आई है।

राज्यपाल ने जानकारी दी कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है और 5,500 नए पुलिस सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डायल-112 पर 9 मिनट और 44 सेकंड का तेज़ रिस्पॉन्स टाइम जवाबदेह गवर्नेंस सिस्टम की निशानी है। नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, सरकार कार्य योजना-2029 के साथ मज़बूती से आगे बढ़ रही है।

 

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