चंडीगढ़, 7 जनवरी। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की 35% न्यूनतम अंक नीति पर अपनी प्रतिक्रिया दी। साथ ही जिन HSIIDC व अन्य विभागो के कौशल निगम कर्मियों को वेतन देने की मांग उठाई। हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा 35% कट-ऑफ की नीति हरियाणवी युवाओं के अधिकार पर डाका डालने के लिए साजिश के तहत बनाई गई है। साथ ही इसके जरिए प्रदेश में आरक्षण व्यवस्था की हत्या की जा रही है।
हुड्डा ने कहा कि इस नीति के तहत जानबूझकर नौकिरयों के पदों को खाली रखा जाता है। हरियाणा के युवा पहले से ही बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, और अब HPSC की यह मनमानी 35% कट-ऑफ नीति योग्य उम्मीदवारों को फेल करके पदों को खाली छोड़ रही है। विभिन्न विषयों जैसे असिस्टेंट प्रोफेसर और PGT भर्तियों में हजारों पद खाली पड़े हैं, जबकि इनके लिए योग्य कैंडिडेट्स उपलब्ध हैं।
आज पंचकूला में धरने पर बैठे HPSC अभ्यार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष को ज्ञापन देने पहुंचा था। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्गों जैसे BC-A, BC-B, SC, DSC और EWS पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है, जहां पास होने वाले उम्मीदवारों की संख्या बेहद कम है। यह आरक्षण को कागजों तक सीमित कर रहा है। यह नीति रिलेटिव मेरिट की बजाय एब्सोल्यूट मेरिट के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
उन्होंने मांग उठाई है कि
1. SKT/सब्जेक्टिव पेपर में 35% का क्राइटेरिया तुरंत खत्म किया जाए। और सभी विषयों के एग्जाम दोबारा करवाया जाए।क्योंकि सभी मे कुछ ना अनियमितता पाई गई है
2. हर भर्ती में पदों की संख्या के कम से कम दोगुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाए।
3. उत्तर पुस्तिकाओं और मूल्यांकन प्रक्रिया को सार्वजनिक और पारदर्शी बनाया जाए।
4. सभी खाली पदों को तुरंत भरा जाए।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को तुरंत युवाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। बीजेपी को हरियाणवी विरोधी रवैया छोड़कर, प्रदेश हित में काम करना चाहिए।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मी भी हुड्डा को ज्ञापन देने पहुंचे। एचएसआईआईडीसी व अन्य विभागों में हज़ारों लगे इन कर्मियों ने कहा कि दर्जनभर ऐसे कर्मचारी हैं, जिनका नाम पोर्टल पर शो ही नहीं हो रहा। इसके चलते इनको 3 महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा। ये तमाम उच्च अधिकारियों और कार्यालयों में गुहार लगा चुके हैं। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा। गलती सरकार की है और भुगतना इन गरीब कर्मियों को पढ़ रहा है। इनके लिए घर चलना मुश्किल हो रहा है। हुड्डा ने कहा कि इन सभी कर्मियों को ब्याज समेत जल्द से जल्द इनका वेतन दिया जाना चाहिए।
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