भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता भारत की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक निर्णय : विकास जैन

न्यूज़म ब्यूरो

गुरुग्राम। गुडग़ांव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का स्वागत किया है। इंडस्ट्री के अध्यक्ष विकास जैन ने इस व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए इसे भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

विकास जैन ने कहा कि 18 साल की लंबी बातचीत के बाद यह समझौता ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं से गुजर रहा है। यह समझौता लगभग दो अरब उपभोक्ताओं वाले बाजार को जोड़ता है जो वैश्विक जीडीपी के करीब एक चौथाई का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते वे वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, रसायन, फार्मा, समुद्री उत्पाद, कृषि, डेयरी और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। यूरोपीय देशों में आयात शुल्क में कमी से भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगें और भारतीय ब्रांड्स को नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ के कारण भारतीय निर्यातकों को हुए नुकसान की भरपाई में यह समझौता एक मजबूत विकल्प साबित होगा और इससे निर्यात बढ़ेगा। साथ ही रोजगार सृजित हंोगें और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। आधुनिक और औद्योगिक सहयोग से मेक इन इंडिया को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी। ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर बोलते हुए विकास जैन ने कहा कि यह समझौता भारतीय ऑटो उद्योग के लिए तकनीक, निवेश और निर्यात के स्तर पर गेम चेंजर हो सकता है। यूरोप से लग्जरी वाहनों पर शुल्क में कमी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। घरेलूू कंपनियां गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाएंगीं तथा ऑटो कंपानेंट्स के निर्यात को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत मुक्त व्यापार समझौता भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाने मेंं सहायक होगा।

 

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