ग्रामीण भारत के समग्र विकास के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध : सांसद रेखा शर्मा

न्यूज़म ब्यूरो

पंचकूला, 11 मार्च : राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने राज्यसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय की अनुदान मांगों  पर चर्चा के दौरान ग्रामीण भारत के समग्र विकास, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आर्थिक नीति का विषय नहीं है, बल्कि यह भारत के सामाजिक परिवर्तन और आत्मनिर्भरता की आधारशिला है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026–27 के बजट में ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए लगभग ₹1.94 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो यह दर्शाता है कि गांवों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत में विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखा गया है।

रेखा शर्मा ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांवों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए “विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन” की शुरुआत की है, जिसके लिए ₹95,000 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत लाखों ग्रामीण परिवारों को पक्का घर मिला है। बजट 2026–27 में इस योजना के लिए ₹54,916 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास में सड़क संपर्क की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए इस वर्ष ₹19,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजारों तक पहुंच आसान हुई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

रेखा शर्मा ने अपने वक्तव्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को ग्रामीण विकास का केंद्रीय तत्व बताते हुए कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के माध्यम से लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर उद्यमिता और आजीविका के नए अवसर प्राप्त कर रही हैं। इस मिशन के लिए बजट में ₹19,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि आज गांवों की महिलाएं डेयरी, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे उद्यमों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क ग्रामीण भारत में एक शांत लेकिन शक्तिशाली आर्थिक क्रांति का आधार बन चुका है।

रेखा शर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा डिजिटल तकनीक, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और योजनाओं की पारदर्शी निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे और विकास योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक मिले।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “विकसित भारत 2047” का संकल्प तभी साकार होगा जब ग्रामीण भारत समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगा।

उन्होंने कहा कि गांवों में बुनियादी ढांचे का विस्तार, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों का सृजन ही भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सबसे मजबूत आधार प्रदान करेगा।

उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्रालय की अनुदान मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां गांवों को विकास के नए केंद्रों में बदलने की दिशा में प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।

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