बजट पेश करने के सिर्फ एक माह में घोषणाएं धरातल पर उतारने को नायब सरकार बेताब

बजट घोषणाओं पर एक महीने में ही तेज़ अमल  

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रशासनिक सचिवों के साथ की अहम बैठक 

विभागों को कार्य योजना बनाने के दिए निर्देश, ग्राम सभाओं में होगी बजट घोषणाओं की चर्चा 

मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में मुआवजा बढ़ाकर किसानों को बड़ी राहत

न्यूज़म ब्यूरो

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चंडीगढ़, 2 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्यशैली में तत्परता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री के रूप में बजट प्रस्तुत करने के मात्र एक महीने के भीतर ही बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि घोषणाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने वीरवार को ऊर्जा, स्वास्थ्य, राजस्व, आबकारी एवं कराधान, सहकारिता, विकास एवं पंचायत, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा बागवानी विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट में की गई प्रत्येक घोषणा की जानकारी ग्राम स्तर तक पहुंचे और इसके लिए ग्राम सभाओं की बैठकों में इन पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किए जाएं तथा इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय को भेजी जाए।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि हरियाणा देश का ऐसा अग्रणी राज्य है जहां बागवानी एवं सब्जी फसलों के बाजार मूल्य में अंतर की भरपाई के लिए भावांतर भरपाई योजना के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत किसानों को बीमा का लाभ प्रदान किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत 46 प्रकार की फल, सब्जी और मसाला फसलें शामिल हैं, जिसमें किसानों को मात्र 2.5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होता है, जबकि शेष राशि सरकार द्वारा वहन की जाती है।

मुख्यमंत्री ने अपने बजट अभिभाषण में किसानों को और अधिक राहत देते हुए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत मुआवजा राशि में वृद्धि की घोषणा की है। अब प्राकृतिक आपदाओं के कारण फलों की फसल खराब होने पर मुआवजा 40,000 रुपए प्रति एकड़ से बढ़ाकर 50,000 रुपए प्रति एकड़ किया जाएगा, जबकि सब्जियों एवं मसालों के लिए यह राशि 30,000 रुपए प्रति एकड़ से बढ़ाकर 40,000 रुपए प्रति एकड़ कर दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने 2 मार्च को वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया था और मात्र एक महीने के भीतर ही इसकी घोषणाओं की समीक्षा प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है, जो सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता को दर्शाता है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी 775 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की बैठक बुलाई जाए, जिसमें वे स्वयं भी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप किसानों को समूह के रूप में संगठित होकर कार्य करना चाहिए, जिससे उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 10,000 एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत हरियाणा को 172 एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इनमें से कई एफपीओ केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से स्थापित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी प्रस्तावित बैठकों में आमंत्रित किया जाए, ताकि समन्वय के साथ किसानों के हित में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्त आयुक्त डॉ सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव मौजूद रहे।

 

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