कचरा उठान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, नगर निकायों के प्रदर्शन की होगी नियमित समीक्षा : सैनी 

मुख्यमंत्री ने की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल की मॉनिटरिंग  

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश, स्थानीय म्युनिसिपल स्तर पर जवाबदेही हो निर्धारित, लापरवाही या कमी पाए जाने पर होगी कार्रवाई

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 24 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर रियल-टाइम डेटा अपडेट लगातार सुनिश्चित किया जाए ताकि हर स्तर पर निगरानी सुदृढ़ हो सके।

उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से नगर निकायों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाए और जहां कहीं भी कमियां पाई जाएं, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

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बैठक के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस प्रकार की मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है जहां ऑनलाइन माध्यम से पूरे प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट की निगरानी की जा रही है। इस सिस्टम के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर कचरा उठाने वाली गाड़ियों की लाइव ट्रैकिंग की जा रही है, जिससे कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पोर्टल पर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का अवलोकन किया। इस पोर्टल पर नागरिक अपने क्षेत्र में कचरा उठाने वाले वाहनों की लाइव लोकेशन देख सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शहरी निकायों में शत-प्रतिशत घरों के बाहर आरएफआईडी टैग लगाए जाएं, ताकि कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को डिजिटली ट्रैक किया जा सके। इससे न केवल कार्य में पारदर्शिता आएगी, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। इसके साथ ही, उन्होंने जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए, ताकि कचरा उठाने वाली गाड़ियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

आरएफआईडी और जीपीएस टेक्नोलॉजी से होगी मॉनिटरिंग 

नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही स्थायी रूप से सुनिश्चित की जा सकती है। इसके लिए नागरिकों को व्यापक स्तर पर जागरूक करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं, जिसमें स्वच्छता के महत्व, कचरा प्रबंधन की सही प्रक्रियाओं और नागरिकों की भूमिका को स्पष्ट रूप से समझाया जाए।

उन्होंने कहा कि नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की जाए कि वे अपने घरों के बाहर लगाए गए आरएफआईडी टैग की देखभाल करें। यदि किसी क्षेत्र में घरों से कचरा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, तो नागरिक तुरंत इसकी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करें, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए कि आरएफआईडी के माध्यम से बिल कैलकुलेशन होगी और कचरा प्रबंधन से जुड़े वेंडर्स द्वारा बिल प्रस्तुत करते ही इसी पोर्टल के माध्यम से भुगतान होगा, जिससे वेंडर्स को बड़ी राहत मिलेगी।

स्थानीय म्युनिसिपल स्तर पर जवाबदेही हो निर्धारित, लापरवाही या कमी पाए जाने पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्थानीय म्युनिसिपल कमेटी स्तर पर जवाबदेही स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए, ताकि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए। उन्होंने कहा कि कचरा उठान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को आधुनिक और प्रभावी बनाया जाए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और बेहतर प्रथाओं को अपनाकर हरियाणा को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यश पाल, मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन) शाश्वत सांगवान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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