अब गुरु दर्शन, कैलाश मानसरोवर, सिंधु दर्शन यात्रा के लिए दोगुने श्रद्धालु पाएंगे आर्थिक सहायता : सैनी

हरियाणा विजन-2047 के अनुरूप पर्यटन विकास का रोडमैप तैयार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की समीक्षा बैठक में वर्ष 2030 और 2047 के लक्ष्यों के लिए विभागीय कार्ययोजना पर मंथन  

कृषि-पर्यटन, होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर रहेगा विशेष फोकस 

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 22 अक्तूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा अब स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा तथा सिंधु दर्शन यात्रा के लिए 100-100 श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। अब तक इन तीनों यात्राओं के तहत प्रति वर्ष 50-50 श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके साथ ही इन यात्राओं के लिए लाभार्थियों का पंजीकरण अब पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से किया जाए।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश बृहस्पतिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत पर्यटन विभाग की अगले 5 वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली में और अधिक सुधार करने तथा हरियाणा को टूरिज्म हब बनाने के संबंध में अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।

पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित  अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 20 हजार रुपये, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 50 हजार रुपये तथा सिंधु दर्शन यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इन तीनों यात्राओं के तहत प्रति वर्ष 50-50 श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने इन तीनों यात्राओं के लिए प्रति वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 50-50 से बढ़ाकर 100-100 करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए और इसी के माध्यम से उनका पंजीकरण किया जाए और पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही आर्थिक सहायता का लाभ दिया जाए।

डॉ. अमित  अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में पर्यटन विभाग के पास 42 पर्यटन परिसर, 21 बैंक्वेट एवं कन्वेंशन हॉल, 35 कॉन्फ्रेंस हॉल, 842 वातानुकूलित कमरे, 8 डॉरमेट्री, 243 दुकानें तथा 1,192 एकड़ भूमि का पर्यटन संबंधी आधार उपलब्ध है। प्रदेश में होटल प्रबंधन के पांच संस्थान तथा 15 पेट्रोल पंप भी संचालित किए जा रहे हैं।

पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण साइट्स का पुनरुद्धार करने के निर्देश 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण साइट्स का आवश्यकता अनुसार पुनरुद्धार करें और व्यापक जनहित के मद्देनजर जो साइट्स लीज पर अथवा पीपीपी मोड पर संचालित की जा सकती हैं उन्हें निजी कंपनियों के माध्यम से विकसित करवाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘वेड इन इंडिया’ के तहत पिंजौर में एक वेडिंग सिटी की स्थापना, यमुनानगर में सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार करने, फरीदाबाद में गोल्फ कोर्स का विकास तथा वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियांे के विकास के संबंध में भी व्यापक दिशा-निर्देश दिए।

फार्म स्टे और होमस्टे से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विजन-2030 के अंतर्गत कृषि-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फार्म स्टे और होमस्टे इकाइयों के पंजीकरण, विपणन और प्रचार-प्रसार की योजना में आवश्यकता अनुसार संशोधन किया जाए। उन्होंने प्रदेश में मौजूदा पंजीकृत 38 फार्म स्टे और 11 होमस्टे की संख्या 100 तक बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पर्यटन से जुड़ी इकाइयों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने और पर्यटकों के लिए ग्रामीण जीवन, स्थानीय खानपान तथा पारंपरिक अनुभवों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने की योजना बनाने की भी हिदायतें दीं।

स्थानीय उत्पादों और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा प्रोत्साहन 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए पर्यटन सूचना केंद्रों पर स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित करने की योजना बनाई जाए। इससे ग्रामीण उद्यमियों, महिलाओं और स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रचार एवं बिक्री के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र और अन्य पर्यटन स्थलों पर इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाए।

मिलेट महोत्सव और जैविक फार्म स्टे से बढ़ेगा पर्यटन आकर्षण 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि-पर्यटन को नए अनुभवों से जोड़ने के लिए इसी वर्ष गुरुग्राम में मिलेट महोत्सव आयोजित करने की तैयारी की जाए। इसके माध्यम से मोटे अनाज, पारंपरिक खानपान और कृषि-पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि खेतों में पककर तैयार सरसों, गेहूं, नारनौल की तरफ लिली फ्लॉवर, शाहबाद के आसपास सूरजमुखी की खेती वाले स्थानों पर विशेष मेले लगाने की योजना बनाए जाएं ताकि इन स्थानों को भी पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं, संकल्प पत्रों में किए गए वादों तथा सीएम ग्रिवांस पोर्टल पर आई शिकायतों की भी समीक्षा की और इनके संबंध में अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल,  मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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