गीता के श्लोकों से गुंजायमान हुआ पंचकूला

 
विद्यार्थियों ने पवित्र ग्रंथ गीता के अष्टादश श्लोकों का किया सामूहिक उच्चारण
 
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल
 
 
पंचकूला, 1 दिसंबर। पंचकूला आज उस समय वैश्विक गीता पाठ कार्यक्रम का साक्षी बना, जब जिले के चारों खंडों के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 3300 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर गीता के 18 अध्यायों के 18 श्लोकों का पाठ किया।
 
राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, सेक्टर-14 में आयोजित तीन दिवसीय गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर लगभग 500 विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़कर वैश्विक गीता पाठ में भाग लिया तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का उद्बोधन भी सुना। इसके अतिरिक्त पिंजौर, बरवाला, मोरनी और रायपुररानी ब्लॉक के विद्यालयों से लगभग 2800 छात्रों ने ऑनलाइन माध्यम से अष्टादश श्लोकों का उच्चारण कर इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाया।
 
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवी नगर तथा एसडीएम पंचकूला चंद्रकांत कटारिया भी शामिल हुए। कार्यक्रम से पूर्व श्री गुप्ता ने महाविद्यालय परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा आयोजित गीता-आधारित प्रदर्शनी को भी देखा।
 
अपने संबोधन में श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हैं कि उनके नेतृत्व में प्रतिवर्ष गीता जयंती का आयोजन भव्य रूप से किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले गीता जयंती केवल कुरुक्षेत्र में आयोजित होती थी, किंतु आज यह जिला, राज्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाती है, जिससे श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य संदेश का विश्वभर में प्रचार-प्रसार हो रहा है। 
 
महाभारत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्री गुप्ता ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की पावन धरती से अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। युद्धभूमि में अर्जुन के विचलित होने पर श्रीकृष्ण ने उन्हें सत्य के मार्ग पर दृढ़ रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गीता के 18 अध्यायों में जीवन को दिशा देने वाले अनमोल संदेश निहित हैं।   
 
विद्यार्थियों से संवाद के दौरान श्री गुप्ता ने उन्हें अपने घरों में गीता और रामायण जैसे पवित्र ग्रंथ रखने और पढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इन ग्रंथों में देश का धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास समाहित है, जिन्हें पढ़कर जीवन को सफल बनाया जा सकता है।
 
कार्यक्रम में तीन दिवसीय गीता जयंती के दौरान श्रीकृष्ण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले स्कूली विद्यार्थियों को श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने प्रमाणपत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया। मंच संचालन श्री सुशील शर्मा ने किया।
 
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती संध्या मलिक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-14 की प्रिंसिपल डॉ. खुशीला, कॉलेज स्टाफ, विद्यार्थी तथा अन्य व्यक्तिगण उपस्थित रहे।
 
 

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