संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी ने तोड़ी भाषा की मर्यादा : शमशेर सिंह खरक

न्यूज़म ब्यूरो 

रोहतक, 4 फरवरी। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी शमशेर सिंह खरक ने संसद परिसर के मकर द्वार पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आचरण की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उन्हें संसदीय गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का न कोई ज्ञान है और न ही वो सम्मान करना जानते हैं। देश की सबसे बड़ी पंचायत में “गद्दार” जैसे शब्दों का प्रयोग न केवल निंदनीय है, बल्कि कांग्रेस की हताश और अहंकारी मानसिकता को भी उजागर करता है।

 

शमशेर सिंह खरक ने कहा, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को सार्वजनिक रूप से “गद्दार” कहना कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोध का ठप्पा लगाने जैसा गंभीर आरोप है। इस प्रकार की भाषा संसद परिसर जैसे गरिमामय स्थल पर पूरी तरह अस्वीकार्य है और विपक्ष के नेता के पद को शोभा नहीं देती।

 

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि क्या दल बदलना गद्दारी है? यदि ऐसा है, तो कांग्रेस को अपने इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए, जहां अनेक नेता समय-समय पर दल बदल चुके हैं। सच्चाई यह है कि राहुल गांधी मुद्दों पर बहस करने में विफल हो चुके हैं, इसलिए व्यक्तिगत अपमान और अपशब्दों को राजनीति का हथियार बना रहे हैं।

 

खरक ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद संयम, जिम्मेदारी और परिपक्वता की अपेक्षा करता है, लेकिन राहुल गांधी बार-बार इस भूमिका में असफल नजर आ रहे हैं। भाजपा विचारों और नीतियों की राजनीति करती है, भाषा की गिरावट की नहीं।

 

उन्होंने स्पष्ट कहा कि संसद बहस का मंच है, गाली-गलौज का नहीं। लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब असहमति भी मर्यादा के दायरे में व्यक्त की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व को अपनी भाषा और आचरण पर आत्ममंथन करना चाहिए, क्योंकि देश की जनता सब देख और समझ रही है।

 

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