2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पाने में युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम : कल्याण

रियाणा विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण का सीपीए सम्मेलन में संबोधन 

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने शुक्रवार को राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के भारत क्षेत्र के जोन-7 (वेस्ट जोन) के सम्मेलन को संबोधित किया। यह सम्मेलन 8 से 10 अप्रैल तक गोवा की राजधानी पणजी में आयोजित किया गया। विस अध्यक्ष ने शुक्रवार को ‘2047 तक विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला, गोवा विधान सभा अध्यक्ष डॉ. गणेश चंद्रु गाओंकर समेत अनेक विशिष्ट हस्तियां मौजूद रहीं।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि जहां हरियाणा की वीर धरती पर कर्म को प्रधानता दी गई है, वहीं गोवा को आजादी के लंबे संघर्ष के लिए याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि गोवा ने पुर्तगाली शासन से मुक्ति और फिर भारतीय लोकतंत्र की मुख्यधारा में विलय तक की गौरवाशाली यात्रा की है।

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विस अध्यक्ष ने कहा कि सीपीए के भारत रीजन का जोन-7 सम्मेलन हमारे लोकतंत्र की जड़ों को और गहरा करने का अनुष्ठान है। इस दौरान उन्होंने लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से संसदीय परंपराओं को सुढृढ़ करने में उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी विशेष उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @ 2047’ के विजन को साकार करने में युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका सबसे ज्यादा रहने वाली है। इस सम्मेलन में हो रहा विचार -विमर्श इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। विस अध्यक्ष कल्याण ने कहा कि लोकतंत्र हमारे लिए केवल शासन चलाने की प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक मूलभूत तरीका भी है। स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई। आज जब हम सदन में बैठते हैं, तो उस त्याग और संघर्ष की भावना को अपने भीतर जीवित रखना आवश्यक है। आजादी के ‘अमृत काल’ में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कल्याण ने कहा कि हमें व नई पीढ़ी को संघर्ष और बलिदान को गहराई से समझना होगा।

युवा जनप्रतिनिधियां की भूमिका केवल सदन व समितियों में उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें विचार, व्यवहार और नेतृत्व – तीनों स्तरों पर लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त वाहक बनना होगा। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब हमारा लोकतंत्र अधिक जागरूक, उत्तरदायी, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनेगा। इस परिवर्तन के सबसे प्रभावी शिल्पी हमारे युवा विधायक और सांसद होंगे।

 

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