सामाजिक आयोजन समाज में करते हैं एकजुटता, सहयोग व सेवा भावना को मजबूत : घोष

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने गुरुग्राम में बंगिया परिषद के स्थापना दिवस समारोह को किया संबोधित

राज्यपाल ने किया आह्वान, समन्वय बढ़ाकर सामुदायिक संगठन निभाएं व्यापक भूमिका

न्यूज़म ब्यूरो 
चंडीगढ़, 29 मार्च। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम घोष ने कहा कि सामाजिक आयोजन समाज में एकजुटता, सहयोग और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है कि हम एक ऐसे संवेदनशील और समावेशी समाज का निर्माण करें, जहां जाति, धर्म या क्षेत्र से परे प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण को सुनिश्चित किया जा सके। राज्यपाल रविवार की देर शाम स्थानीय अपैरल हाउस में बंगिया परिषद की स्थापना वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल प्रो. असीम घोष ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद संस्था के सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान की प्रशंसा करते कहा कि रक्तदान, अंगदान, जरूरतमंद बच्चों को पुस्तकें एवं वस्त्र उपलब्ध कराने जैसी पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामुदायिक संगठनों को अपनी भूमिका का विस्तार करते हुए सरकार, प्रशासन, कॉर्पोरेट क्षेत्र और अन्य सामाजिक संस्थाओं के साथ समन्वय बढ़ाना चाहिए। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, आपदा राहत और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में अधिक प्रभावी और व्यापक कार्य किया जा सकता है।

राज्यपाल ने बंगिया परिषद के सदस्यों से आह्वान करते हुए कहा कि सभी मिलकर एक ऐसा मजबूत तंत्र विकसित करें, जिसमें सामुदायिक संगठनों को सशक्त बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने बंगिया परिषद गुरुग्राम को उसकी उल्लेखनीय यात्रा के लिए बधाई देते हुए कामना की कि संस्था भविष्य में भी एकता, समावेशिता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक बनकर निरंतर प्रगति करती रहे। राज्यपाल ने अपने कोष से संस्था को पांच लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने की भी घोषणा की।

बंगिया परिषद के अध्यक्ष मलय नंदी ने राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष का पुष्पगुच्छ भेंट कर कार्यक्रम में पहुंचने पर स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पहुंचे राज्यपाल को स्मृति स्वरूप देवी की प्रतिमा भेंट की। उल्लेखनीय है कि दो दशक पूर्व वर्ष 2006 में बंगिया परिषद की स्थापना की गई थी। इस संस्था के गठन का मुख्य उद्देश्य बंगाल की संस्कृति से जुड़े रीति रिवाजों, पर्व, खेल कूद आदि गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के साथ ही चैरिटेबल कार्यों में भी अपना उल्लेखनीय योगदान दे रही है।

इस अवसर पर बर्टोल्ट ब्रेख्त के नाटक द एक्सेप्शन एंड द रूल पर आधारित “ब्यातिक्रम” नाटक का भी मंचन हुआ। नंदीकर द्वारा तैयार इस प्रस्तुति का रुपांतरण रुद्रप्रसाद सेन गुप्ता व निर्देशन सोहिनी सेन गुप्ता ने किया।  राज्यपाल व समारोह में पहुंचे लोगों ने नाटक के कथानक और पात्र कलाकारों के अभिनय की सराहना की।

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इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष, बंगिया परिषद की महासचिव शुचिस्मिता, कोषाध्यक्ष संजोय पायने, शुभोसाची घोष, पार्थों डे व डीसीपी ट्रैफिक डा. राजेश मोहन सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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