सुपवा दीक्षांत समारोह : राज्यपाल ने 760 छात्रों को दी डिग्री, 35 को गोल्ड मेडल से नवाजा

राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष की अध्यक्षता में हुआ भव्य समारोह का आयोजन  

रचनात्मक नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण कर रही डीएलसीसुपवा : राज्यपाल

राज्यपाल ने वैश्विक साझेदारी बढ़ाते हुए हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को विश्व में पहचान दिलाने का किया आह्वान

न्यूज़म ब्यूरो

रोहतक / चंडीगढ़ 4 मई। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में सोमवार को यूनिवर्सिटी के दूसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति व प्रदेश के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष की अध्यक्षता में छात्रों को डिग्रियां दी गई। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा व सीएम के ओएसडी डॉ राज नेहरू मुख्य रूप से मौजूद रहे। समारोह के दौरान अलग-अलग बैच व कोर्स के 760 छात्रों को ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री दी गई। 

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राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष  ने डीएलसीसुपवा विश्वविद्यालय से वैश्विक कला संस्थानों के साथ साझेदारी सुदृढ़ करने तथा अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास हरियाणा को विश्व की कलात्मक विरासत में एक सम्मानित और प्रभावशाली योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे।

स्नातक होने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी प्रणालियों में से एक है, जो आज 4 करोड़ से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रही है। हरियाणा ने भी इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि डीएलसीसुपवा केवल रोजगार करने के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री नहीं करा रही है, बल्कि यह संस्थान ऐसे रचनात्मक नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण कर रहा है, जो प्रदर्शन व दृश्य कला, फैशन व वस्त्र डिजाइन, फिल्म व टेलीविजन के अलावा आर्किटेक्ट जैसे क्षेत्रों के माध्यम से समाज को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के कलाकार देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। हरियाणवी लोक परंपराएं, संगीत, रंगमंच व नृत्य को व्यापक सराहना मिल रही है। यह बढ़ती लोकप्रियता एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संकेत है, जिसे जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि हम इनोवेशन के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहें। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्रों को बधाई व शुभकामनाएं दीं।

रचनात्मक नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण कर रही डीएलसीसुपवा : राज्यपाल 
यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति व प्रदेश के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष ने कहा कि यह संस्थान महान सूर्य कवि दादा लख्मी चंद के नाम पर स्थापित है, जिनकी विरासत आज भी कलाकारों की पीढ़ियों को प्रेरित करती है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, सृजनात्मकता और जिम्मेदारी का उत्सव है। रवींद्रनाथ टैगोर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने  कहा कि उच्चतम शिक्षा वह है, जो हमें केवल जानकारी ही नहीं देती, बल्कि हमारे जीवन को समस्त अस्तित्व के साथ सामंजस्य में लाती है। आप लोग भी संस्कृति व सृजनशीलता के प्रतिनिधि बनकर दुनिया में कदम रख रहे हैं।

राज्य की कला, संस्कृति व रचनात्मकता का हृदय यह यूनिवर्सिटी : शिक्षा मंत्री 
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम में हिस्सा लेना केवल राजकीय कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत रूप से भी हर्ष व गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी हमारे राज्य की कला, संस्कृति व रचनात्मकता का हृदय है। यहां से डिग्री लेकर निकलना इस बात का प्रमाण है कि आप केवल शिक्षित नहीं हुए हैं, बल्कि आपने यहां पर अपनी संवेदनाओं व हुनर को तराशा है। समारोह में राज्यपाल की उपस्थिति दर्शाती है कि सरकार प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर है। सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हमारा विजन स्पष्ट है। हम केवल डिग्री बांटने वाले शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि स्किल सेंटर विकसित कर रहे हैं।

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उन्होंने छात्रों से कहा कि जब आप इस संस्थान से बाहर कदम रखेंगे, तो आपके हाथ में डिग्री के रूप में एक कागज का टुकड़ा नहीं होगा, आपके कंधों पर समाज की उम्मीदें व विकसित भारत का सपना भी होगा। आप लोग कला व प्रदर्शन के क्षेत्र में हरियाणा की समृद्ध विरासत के वाहक हैं। आपकी कला में हरियाणा की मिट्टी की खुशबू के साथ यहां की संस्कृति व आधुनिकता भी होनी चाहिए। आप केवल रोजगार खोजने वाला न बनें, बल्कि जॉब प्रोवाइडर बनने का संकल्प लें। तकनीक व एआई के दौर में मानवीय संवेदनाएं व नैतिक मूल्य महत्वपूर्ण हो जाते हैं। सफल पेशेवर के साथ स्वयं को महान इंसान बनाएं। अपनी जड़ों को कभी न भूलना। माता पिता के त्याग व शिक्षकों के मार्गदर्शन को अपनी स्मृति में संजो कर रखा रखना, क्योंकि आपकी सफलता के पीछे उनकी सालों की तपस्या है। उन्होंने कहा कि मैं कुलगुरु डॉ अमित आर्य को बधाई देता हूं कि उन्होंने जिस तरह से युवाओं को तरासा है, उसके लिए प्रदेश आपका ऋणी रहेगा।

एक उत्सव की तरह मनाएं दीक्षांत समारोह : कुलगुरु 
यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी। उन्होंने छात्रों से कहा कि यह दिन आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह केवल आपकी शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि एक नए युग, नए अवसरों व नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। इस यूनिवर्सिटी में आपने जो ज्ञान, कौशल व संस्कार प्राप्त किए हैं, वह आपके जीवन भर आपका मार्गदर्शन करेंगे। डीएलसीसुपवा का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है, ताकि वह ज्ञानवान, संवेदनशील, नैतिक व जिम्मेदार नागरिक बन सकें। हमें गर्व है कि हमारे छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।

उन्होंने सभी टीचर्स व स्टाफ सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने छात्रों के मार्गदर्शन व उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही, अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग, विश्वास व प्रेरणा से छात्र इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन में सफलता केवल डिग्री या पद प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। सच्ची सफलता आपके चरित्र, आपके मूल्यों व समाज के प्रति आपके योगदान में निहित है। आप जहां भी जाएं, अपनी यूनिवर्सिटी व अपने देश का नाम गर्व से ऊंचा करें। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह माता-पिता, शिक्षकों, संस्थान व छात्रों की मेहनत का फल होता है, इसलिए हमने इस समारोह को एक त्यौहार व उत्सव के रूप में मनाया चाहिए। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को माता-पिता व सुपवा का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर रामअवतार बाल्मीकि, चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा के कुलपति डॉ विजय कुमार, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार के कुलपति प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई, दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी मुरथल के कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह, महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक के कुलपति प्रोफेसर मिलाप पूनिया, पंडित बीडी शर्मा हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी रोहतक के कुलपति डॉ एचके अग्रवाल, चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी जींद के कुलपति प्रोफेसर रामपाल सैनी, यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव मेंबर प्रोफेसर केजी सुरेश, फाइनेंस कमेटी मेंबर सीए रोहित गुप्ता, फाइनेंस कमेटी मेंबर वीरेंद्र गर्ग, यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति वीएस कुंडू, डीसी रोहतक सचिन गुप्ता, एसपी गौरव राजपुरोहित, एडीसी नरेंद्र, एसडीएम आशीष वशिष्ठ के साथ अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 

 

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